लखनऊ। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में पारंपरिक गर्म कपड़ों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। खादी के वूलेन परिधानों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से आए रंग-बिरंगे स्टॉल आगंतुकों को खूब लुभा रहे हैं। सबसे ज्यादा भीड़ कश्मीर, पंजाब और गुजरात के स्टॉलों पर देखी जा रही है। कश्मीर की कनी और पश्मीना शॉल, वूलेन सूट, पंजाब का वेलवेट वूलेन और गुजरात की ब्लैक स्पॉट प्रिंट से बनी चादरें व रजाइयां लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
सर्दी ने दस्तक दी तो खादी महोत्सव में वूलेन कपड़ों की बिक्री में तेजी आ गई। पुरुष सदरी, ब्लेजर और मफलर खरीदने में व्यस्त हैं। महिलाएं ट्रेंडी व पारंपरिक स्टॉलों पर खरीदारी का आनंद ले रही हैं। कश्मीर से आए कारोबारी फारुख अहमद बताते हैं कि फेरन इस बार सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। 400 रुपये की सामान्य शॉल से लेकर 70 हजार रुपये तक की पश्मीना शॉल उपलब्ध है, जिन पर बेहद बारीक कारीगरी की गई है। दूसरे कारोबारी आरिफ ने बताया कि कनी शॉल की ख्याति दुनिया भर में है। उनके पास 1600 रुपये से लेकर डेढ़-दो लाख रुपये तक की शॉलों की विस्तृत रेंज है।
रोजमर्रा की स्टाइल, पंजाबी वेलवेट वूलेन सूट
प्रदर्शनी में महिलाएं वेलवेट के वूलेन सूट और कॉर्डसेट को खास पसंद कर रही हैं। अंबाला से आए इंदर ने बताया कि यह कपड़ा बेहद मुलायम है और ठंड से बचाने में कारगर है। कीमतें 500 रुपये से शुरू होने के कारण स्टॉल पर लगातार भीड़ बनी हुई है। चादर–रजाई में गुजरात की ब्लैक स्पॉट प्रिंट का जलवा
अहमदाबाद के सुरेंद्रनगर से आए विजय बताते हैं कि कॉटन कपड़े पर की जाने वाली ब्लैक स्पॉट प्रिंटिंग गुजरात की अनोखी कारीगरी है, जिसकी मांग विदेशों तक रहती है। 800 रुपये की बेडशीट से लेकर 1300 रुपये से फाइबर रुई वाली गर्म और हल्की रजाइयां उपलब्ध हैं।
गीतों और कविताओं से सजी शाम
फोटो
खादी महोत्सव में बृहस्पतिवार शाम को कवि सम्मेलन हुआ। इसमें प्रख्यात कवियों ने कविताओं व गीतों के जरिये माहौल को खुशनुमा कर दिया। आईएएस व लखनऊ के गीतकार व गजलकार डॉ. हरिओम ने गीत सुनाकर समा बांध दिया। डॉ. सुरेश श्रीवास्तव का चुटीला अंदाज खूब भाया। बनारस के हास्य कवि दमदार बनारसी, वीर रस की कवि डॉ. सरला शर्मा, गजलकार हरि मोहन बाजपेई माधव, गीतकार अमरेंद्र द्विवेदी ने कविताओं से तालियां बटोरीं। संचालन रायबरेली के नीरज पांडेय ने किया।
अब तक 1.28 करोड़ की बिक्री
प्रदर्शनी में दूर-दराज से आए उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों में उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होने से खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शाम तक प्रदर्शनी में कुल 1.28 करोड़ की बिक्री दर्ज की गई है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चल रही दस दिवसीय खादी प्रदर्शनी में बृहस्पतिवार को काव