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UP: कारोबारियों ने चीन-तुर्की के कपड़ों पर रोक की रखी मांग, हर महीने 200 करोड़ का व्यापार होगा प्रभावित

Thu, 15 May 2025 02:40 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश के कारोबारियों ने चीन और तुर्की के वस्त्रों के बहिष्कार की मुहिम शुरू कर दी है। उनका कहना है कि सिर्फ लखनऊ में हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार तुर्की-चीन से जुड़े कपड़ों और लग्जरी वस्तुओं से होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : https://www.freepik.com/
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विस्तार
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उतर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने चीन और तुर्की के कपड़ों का बहिष्कार करने की आवाज उठाई है। प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों का कहना कि आतंकवादियों का खुलेआम समर्थन करने वाले देशों और उनके उत्पादों का बहिष्कार किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर जल्द ही चीन और तुर्की से चल रहे कारोबार पर रोक लगाने की मांग करेगा।

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प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने बताया कि लखनऊ समेत पूरे भारत के कारोबारी तुर्की से अच्छा कारोबार करते हैं। तुर्की और चीन से बड़ी मात्रा में कपड़े भारत आते हैं। इससे राजस्व का मोटा हिस्सा तुर्की व चीन जैसे आतंकवाद के समर्थक देशों को मिलता है।महामंत्री अनिल बजाज ने कहा कि दुश्मन देशों के साथ तुर्की और चीन खुलेआम आतंकवादियों का समर्थन करते है, इसलिए इनसे व्यापार करने की आवश्यकता नहीं है।

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प्रतिमाह 200 करोड़ के कारोबार का अनुमान
कपड़ा कारोबारियों का अनुमान है कि लखनऊ में प्रतिमाह 200 करोड़ रुपये की कीमत के तुर्की व चीन के कपड़ों का व्यापार होता है। खासतैार पर लग्जरी रेडीमेड तुर्की से आयात होता है। इसके साथ ही फोकस लाइट, झूमर, फैंसी पंखे, मोबाइल, खिलौने, एफएमसीजी के उत्पाद भी तुर्की व चीन से बड़े स्तर पर आयात होते हैं।

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