हादसे का शिकार ट्रैक्टर-ट्रॉली।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि इस ओवरब्रिज पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ओवरब्रिज को काम अधूरा छोड़ दिया गया है। सड़क के दोनों और न ही ब्राउंड्री खड़ी की गई न ही सड़क ही ठीक से बनाई गई है। जिसके चलते आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं। इस पुल पर हुआ यह चौथा हादसा बताया जा रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी पुल पर कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक पलट चुका है।
ट्रामा सेंटर में रोते परिजन
इतनी बड़ी तादाद में घायलों के पहुंचते ही ट्रामा सेंटर की व्यवस्था पटरी से उतर गई। ऑक्सीजन सिलेंडरों के साथ मौके पर मौजूद स्टाफ भी कम पड़ गया। आनन-फानन में छुट्टी पर गए स्टाफ को बुलाया गया। वहीं आम मरीजों का इलाज प्रभावित हो गया।