रेलवे में पटरियों की मरम्मत करने वाले ‘ट्रैक मेंटेनरों’की भारी कमी है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे में भी गैंगमैनों के चार हजार पद रिक्त हैं। जिससे ट्रैक मेंटीनेंस प्रभावित हो रहा है। ऐसे में रेलवे ने इनकी कमी पूरी करने के लिए रेलवे ने ‘ट्रैक मित्रों’की तैनाती की योजना बनाई है।
रेलवे में पटरियों की सुरक्षा गैंगमैनों यानी ट्रैक मेंटेनरों के भरोसे होती है। लेकिन रेलवे में लगभग सभी जगह सेफ्टी कैटेगरी में रेलकर्मियों की भयंकर कमी है। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 1960 से लेकर 2016 तक 13,929 रेलवे हादसे हुए हैं।
दस में से हर छठी दुर्घटना रेलकर्मियों की लापरवाही से होती है। जिसके पीछे कारण रेलकर्मियों की कमी है। रेलवे में सेफ्टी कैटेगरी में सात लाख पद हैं, जिसमें दो लाख से अधिक खाली हैं। इसमें भी बड़ी संख्या में गैंगमैनों के पद रिक्त हैं।ऐसे में इनकी कमी पूरी करने के लिए आउटसोर्सिंग से ट्रैक मित्र तैनात करने का फैसला हुआ है। जो गैंगमैनों के साथ पटरियों का निरीक्षण करेंगे। इससे ट्रेनों का संचालन सुरक्षित होने की उम्मीद है।
हालांकि, इनके नियुक्ति की प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होगी, इस पर अभी मंथन चल रहा है। लखनऊ मंडल में लखनऊ से कानपुर, सुलतानपुर, मुरादाबाद, बाराबंकी, रायबरेली आदि रेलखंडों पर गैंगमैनों की कमी को यह ट्रैक मित्र पूरा करेंगे।