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Lucknow News: लोहिया संस्थान के बाहर दलालों ने 108 एंबुलेंस के ईएमटी को पीटा

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लोहिया संस्थान।
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लखनऊ। लोहिया संस्थान के बाहर मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने वाला गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को मरीज को निजी अस्पताल ले जाने से मना करने पर दलालों ने 108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) जितेंद्र शर्मा की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। पीड़ित ने घटना संस्थान के सीसीटीवी कैमरों में कैद होने का दावा करते हुए लोहिया चौकी की पुलिस को तहरीर दी है।
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अयोध्या निवासी शिव रतन दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी में दिखाने की सलाह दी थी। शनिवार सुबह करीब छह बजे परिजन 108 एंबुलेंस से उन्हें लेकर केजीएमयू पहुंचे, लेकिन बेड नहीं मिला। इसके बाद एंबुलेंस चालक मरीज को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंचा। परिजन भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तभी ईएमटी जितेंद्र शर्मा के सीयूजी नंबर पर फोन आया। आरोप है कि फोन करने वाले ने मरीज की जानकारी मांगते हुए उसे बाहर लाने को कहा। ईएमटी ने जानकारी देने से मना कर दिया।
जितेंद्र के मुताबिक, इसके बाद तीन लोग एंबुलेंस के पास पहुंचे और कर्मचारियों को बाहर आने के लिए कहा। मरीज को छोड़कर एंबुलेंस लेकर निकलते समय आरोपियों ने गाड़ी रोक ली और जितेंद्र की पिटाई कर दी। हमले में उनकी आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। आरोप है कि हमलावर मोबाइल भी छीन ले गए। किसी तरह कर्मचारी पुलिस चौकी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। घटना के समय एंबुलेंस पायलट अनुराग पांडेय भी मौजूद थे।
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चार साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान के आसपास दलाल सक्रिय रहते हैं और मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का दबाव बनाते हैं। करीब चार साल पहले लोहिया संस्थान के सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह की शिकायत पर विभूतिखंड पुलिस ने निजी अस्पताल के पांच कथित दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संबंधित अस्पताल के संचालन पर भी रोक लगाई गई थी। हालांकि, आरोप है कि कुछ समय बाद अस्पताल का नाम बदलकर दोबारा संचालन शुरू कर दिया गया।
एजेंटों के प्रवेश पर होगी कार्रवाई
लोहिया संस्थान के सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि संस्थान परिसर में किसी भी निजी अस्पताल का एजेंट दाखिल हुआ तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्टाफ और सुरक्षा गार्डों को सतर्क रहने के निर्देश देने के साथ पुलिस को भी पत्र भेजा जाएगा।
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