कोरोना महामारी के समय सैनिटाइजर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग तथा आबकारी विभाग की कोशिशें रंग ला रही है। प्रदेश में जिन इकाइयों को लाइसेंस जारी किए गए हैं उनमें से 21 चीनी मिलों, 9 डिस्टिलरी व 22 अन्य यूनिटों ने सैनिटाइजर बनाना शुरू कर दिया है।
प्रदेश में 52 इकाइयों ने अब तक कुल 2.55 लाख लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया है। मार्किट में कुल 1.46 लाख लीटर सैनिटाइजर की मार्किट में आपूर्ति की गई है।
महामारी कोरोना के सामुदायिक प्रसार को रोकने और कोविड-19 से जंग जीतने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश की चीनी मिलों, आसवनियों व अन्य इकाइयों में सैनिटाइजर उत्पादन शुरू कराया गया है।
प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग और आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि आबकारी विभाग ने जो लाइसेंस दिए उनमें से 52 इकाइयां आम उपभोक्ताओं के लिए सैनीटाइजर के 50, 100, 200 एवं 500 मिली के पैक तैयार कर रही हैं।
इसके अलावा शासकीय विभागों एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए 1, 5, 10, 20 एवं 35 लीटर के पैक में सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। इन 52 इकाइयों में 21 चीनी मिलें, 9 डिस्टिलरियां तथा 22 सैनिटाइजर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां हैं।
ये सभी इकाइयां प्रतिदिन 61 हजार लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन कर रही है। अब तक प्रदेश में कुल 2.55 लाख लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया जा चुका है।
इसमें से 1,46,350 लीटर सैनिटाइजर उत्पादन मार्किट में सप्लाई किया जा चुका है। बाजार में बिक्री के लिए कुल 3,78,800 सैनिटाइजर के पैक भेजे गए हैं।
कई सरकारी विभागों को निशुल्क सैनिटाइजर
भूसरेड्डी ने बताया कि कई सरकारी महकमों, जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को सैनिटाइजर की निशुल्क आपूर्ति की जा रही है। जिलों में चीनी मिलों के माध्यम से उनके निकटवर्ती सरकारी दफ्तरों व सार्वजनिक स्थानों का सैनिटाइजेशन भी कराया जा रहा है। कोरोना से जंग में लगे फ्रंट लाइन कर्मचारियों के लिए 8,100 लीटर तथा स्वास्थ्य विभाग को 3050 लीटर सैनिटाइजर मुफ्त उपलब्ध कराया गया है।
राजधानी में आईआईटीआर में भी उत्पादन शुरू
राजधानी लखनऊ में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) ने भी सैनिटाइजर का उत्पादन शुरू कर दिया है। आईआईटीआर ने 150 लीटर सैनिटाइजर पुलिस आयुक्त को और 150 लीटर नगर निगम को उपलब्ध कराया है।