लखनऊ। राजधानी में शनिवार को छह पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसमें चार सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर के हैं। संक्रमितों में एक महिला और पांच पुरुष हैं। इसके साथ ही राजधानी में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 591 हो गई है। जबकि इसमें राजधानी के मूल निवासी 436 हैं। वहीं, सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर के पॉजिटिव मिले कर्मचारियों की संख्या 46 हो गई है। राजधानी को तीन दिन बाद पॉजिटिव मिलने वालों की संख्या के मामले में थोड़ी राहत मिली है। 10 जून के बाद से लगातार मरीजों की संख्या 10 से अधिक मिल रही थी। शनिवार को सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर के सिर्फ चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें एक महिला भी है। इसी तरह जगत नारायण रोड निवासी 51 साल के व्यक्ति की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। वह राजाजीपुरम स्थित एक अस्पताल में खुद को दिखाने गए थे, जहां डॉक्टर ने लक्षण के आधार पर कोरोनावायरस की जांच की सलाह दी थी। निजी पैथोलॉजी में कराई गई जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसी तरह जानकीपुरम निवासी 45 साल के व्यक्ति ने भी निजी पैथोलॉजी में जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। कॉन्ट्रेक्ट वालों की आज होगी जांच सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि हेल्पलाइन के कर्मचारियों के डायरेक्ट कॉन्ट्रेक्ट में रहने वाले करीब 150 लोगों को चिह्नित किया गया है। इनकी जांच रविवार को चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराई जाएगी। संबंधित लोगों को एंबुलेंस से सीएचसी ले जाया जाएगा। सभी को होम क्वारंटीन किया गया है। 305 लोगों के लिए गए सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को कॉन्ट्रेक्ट रेसिंग के आधार पर 305 लोगों के सैंपल लिए। अभी तक जून में प्रतिदिन का आंकड़ा दो से ढाई सौ का रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 11 मई को 308 लोगों के सैंपल लिए गए थे। यह सैंपल लेने का एक दिन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था। 305 लोगों के सैंपल लिए जाने का कारण हेल्पलाइन कॉल सेंटर के कर्मचारियों से जुड़े लोगों को बताया जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राजधानी में एक-एक इलाकों में गुच्छों में मरीज मिले हैं। इसकी मूल वजह एक दूसरे से क्लोज्ड कॉन्ट्रेक्ट होना है। क्योंकि सदर इलाके में जब मरीजों की संख्या बढ़ी थी तो ज्यादातर वही लोग शामिल थे जो एक ही मकान में 8 से 10 लोग रहते थे। कैसरबाग के मछली मंडी का भी हाल कुछ ऐसा ही था। इस माह अब सर्वाधिक पॉजिटिव मरीज हेल्पलाइन सेंटर से मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यहां कार्यरत ज्यादातर कर्मचारी समूह में रह रहे थे। हालांकि, तीन दिन के अंदर लिए गए सैंपल में कई ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनको क्वारंटीन की सलाह दी गई है। पांच दिन बाद इनकी फिर से पड़ताल की जाएगी।