रेलवे पुलिस ने कछुआ तस्करों के अंतर प्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे तीन क्विंटल कछुओं को रेलवे पुलिस ने शनिवार को अकबरपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। नौ बोरों में रखकर ले जाए जा रहे इन 328 जीवित कछुओं की बरामदगी के साथ ही पुलिस ने दो महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लिया है।
अकबरपुर जीआरपी को पिछले कुछ समय से सूचना मिली थी कि ट्रेन से कछुओं की तस्करी की जा रही है। पुलिस ने इस पर अपना सख्त पहरा बैठा रखा था। इस बीच शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि दून एक्सप्रेस (डाउन) से कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी की जा रही है।
दोपहर 1:13 बजे दून एक्सप्रेस के पहुंचने से पहले जीआरपी टीम ने प्लेटफार्म नंबर दो पर छापेमारी कर नौ बोरे कछुए बरामद कर लिये। इन बोरों के साथ दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य महिलाएं भाग गईं। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान रेहाना व अर्पिता निवासिनी जगदीशपुर गांधीनगर जनपद अमेठी के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने सभी नौ बोरों को प्लेटफार्म एक पर ले जाकर गिनती की, तो उसमें कुल 328 कछुए बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बरामद कछुओं का कुल वजन लगभग तीन क्विंटल था। जीआरपी प्रभारी नसीफ अहमद ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया जा रहा है। दो महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है। दो अन्य की तलाश की जा रही है।
बाराबंकी से की जा रही थी तस्करी
पकड़ी गई महिलाओं ने बताया कि वे सब कछुओं की तस्करी बाराबंकी जिले के सफदरगंज से करती हैं। सफदरगंज से तुतिया नामक व्यक्ति उन्हें यह कछुआ मुहैया कराता था। वे सब कछुआ लेकर हावड़ा पहुंचती थीं। वहां पहले से ही कोई न कोई व्यक्ति मौजूद रहता था। महिलाओं ने बताया कि वे सब बाराबंकी से रात की एक ट्रेन से कछुआ लेकर पहुंची थीं। ट्रेन में पकड़े जाने की आशंका के चलते वे सब अकबरपुर में उतर गई थीं। दून एक्सप्रेस से हावड़ा जाने की तैयारी थी, तभी पकड़ ली गईं।
वन विभाग को दी गई सूचना
जीआरपी ने कछुओं की बरामदगी के बाद वन विभाग को सूचना दे दी। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि सभी कछुए जीवित हैं। उन्हें नदी में प्रवाहित करने के लिए वन विभाग को सूचना दी गई है। टीम के सदस्य देर शाम स्टेशन तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित प्रवाहित करने के लिए ले जाएंगे।