लखनऊ। कैंट थाना क्षेत्र के महिपालखेड़ा निवासी आशीष यादव को रजमन बाजार चौकी के पुलिसकर्मियों ने मंगलवार को चोरी के आरोप में पकड़ लिया। आरोप है कि आशीष को वारदात स्वीकार करने व चोरी के गहने बरामद कराने का दबाव बनाते हुए चौकी में बंद करके जमकर पीटा। फिर पेड़ से बांधकर पीटने के साथ ही करंट लगा दिया। आरोप है कि पुलिस तीन घंटे तक उसे पीटती रही। जब कुछ पता न चला तो छोड़ दिया। इसके बाद आशीष ने अपनी आपबीती बताते हुए एक वीडियो बनाया और न्याय की गुहार लगाते हुए उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
महिपालखेड़ा निवासी आशीष यादव गोमतीनगर में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी छूट गई। वह इन दिनों घर पर ही रह रहा था। आशीष ने बताया कि मंगलवार दोपहर एक बजे वह कहीं गया था। इस बीच रजमन बाजार चौकी से पुलिसकर्मी घर पहुंचे। उन्होंने मां और भाई से कहा कि आशीष आए तो उसे चौकी भेज देना। इसकी जानकारी होने पर आशीष अपने भाई सूरज के साथ पुलिस चौकी पहुंचा। पुलिस ने सूरज को घर भेज दिया। फिर आशीष पर पड़ोस में रहने वाली बरखा के यहां तीन-चार दिन पहले हुए चोरी की घटना कुबूल कराने का दबाव बनाने लगे। चोरी गए जेवर बरामद करने का भी दबाव बनाया।
आशीष ने चोरी से इनकार किया तो इस पर पुलिसकर्मी भड़क गए और उसे पीटने लगे। आरोप है कि पेड़ से बांधकर भी जमकर पीटा। आरोप है कि इस पर भी आशीष ने चोरी करना नहीं कुबूला तो करंट लगाया गया। करीब तीन घंटे बाद आशीष के घरवाले उसे ढूंढते हुए पुलिस चौकी पहुंच गए। वहां से आशीष की चीखें सुनीं तो भाई ने जाकर विरोध किया। परिवार के अन्य लोग भी चौकी पहुंचे तो पुलिस ने आशीष को छोड़ दिया। उसके गले, पेट, पीठ और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं हैं। परिवार के लोगों ने स्थानीय डॉक्टर के यहां आशीष का इलाज कराया। पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आशीष ने मोबाइल से अपने साथ हुई वारदात की जानकारी देते हुए एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर न्याय की गुहार लगाई है।
सिर्फ पूछताछ हुई, पिटाई का आरोप निराधार
इंस्पेक्टर कैंट नीलम राणा ने बताया कि तीन-चार दिन पहले आशीष के पड़ोस में रहने वाली बरखा के यहां चोरी हुई थी। बरखा को आशीष की बहन ने ही मकान किराए पर दिलाया था। आशीष का भाई चोरी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। इंस्पेक्टर का कहना है कि घटना के दिन ही आशीष की बहन बरखा को मेहंदी लगवाने के लिए ले गई थी। इस बीच चोरी हुई। बरखा की आशंका पर आशीष को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया गया था। उसकी पिटाई की बात निराधार है।