कंपनी सेक्रेट्री बनने की पहले सीढ़ी यानी फाउंडेशन परीक्षा में लखनऊ के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 25 मास्टर रैंक में से चार रैंक पर कब्जा जमाया है।
इनमें तीन बेटियां हैं, जिन्होंने शहरवासियों को गर्व करने का मौका दिया है। महविश हसन ने जहां 15वीं रैंकिंग पाई है, वहीं, निकुंज अग्रवाल 20, पलक पांडेय 21 और अपराजिता सिंह 25वें स्थान पर रहीं।
इंटरमीडिएट पास कर चुके या अपीयर हो रहे स्टूडेंट्स के लिए सीएस फाउंडेशन प्रोग्राम परीक्षा आयोजित की जाती है। सात और आठ जून को हुई यह परीक्षा पहली बार ऑनलाइन ली गई।
ऑन लाइन हुई थी परीक्षा
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया की ओर से कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा कराने के लिए यह पहल की गई थी। इसमें लखनऊ के 210 छात्र उत्तीर्ण हुए आईसीएसआई लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष अनुज तिवारी ने बताया कि अगली कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा 27 और 28 दिसंबर 2014 को होगी।
दूसरी ओर, परीक्षा के ऑनलाइन होने को विद्यार्थियों ने सकारात्मक रूप से लिया है। 78 प्रतिशत स्कोर करने वाली पलक पांडेय ने बताया कि वे मूलत: गोंडा से हैं और इस वजह से लखनऊ आकर कई दिन रुकना व परीक्षा देना मुश्किल काम हो जाता लेकिन आवेदन प्रक्रिया से लेकर परीक्षा तक कंप्यूटर बेस्ड होने की वजह से काफी सहूलियत रही।
वहीं, लखनऊ में सेकंड पोजिशन पर रहे निकुंज अग्रवाल ने भी पेन-पेपर के बजाय कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा को आज की जनरेशन के लिए ज्यादा फ्रेंडली बताया और कहा कि इससे उन्हें फैमिलियर माहौल में परीक्षा देने का मौका मिला।
टॉपर्स बोले, सेल्फ स्टडी से मारा मैदान
लखनऊ सेंटर से टॉप चार पोजिशन और ऑल इंडिया के टॉप 25 रैंक में जगह बनाने वाले होनहारों ने सफलता के टिप्स बताए। पलक को जब बताया कि उन्होंने देश में 21वां स्थान पाया है तो वे यकीन नहीं कर पा रहीं थीं। सभी विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने कोचिंग नहीं ली बल्कि सेल्फ स्टडी पर भरोसा रखा और फर्स्ट अटैंप्ट में मैदान मारा।
महविश हसन रहीं पहले स्थान पर
रैंक--भारत में--15, लखनऊ--1
मार्क्स--324/400, 81 प्रतिशत
माता-पिता--तबस्सुम आरा और सैयद युसुफ हसन
सफलता पर--अपनी सफलता पर महविश बताती हैं कि उन्होंने तैयारी के लिए स्पेशल कुछ नहीं किया, केवल पढ़ाई पर जोर दिया।
महविश 12वीं की परीक्षा में 90 परसेंट मार्क्स स्कोर कर चुकी हैं। वह कहती हैं कि इसलिए उम्मीद थी कि अच्छा स्कोर कर लेंगी। फिलहाल, वे बीकॉम ऑनर्स भी कर रही हैं।
भावी स्टूडेंट्स ऐसा करें
- सेल्फ स्टडी पर पूरा जोर दें।
- क्लास 12 कॉमर्स की पढ़ाई को भूलें नहीं, सीएस फाउंडेशन प्रोग्राम में बहुत कुछ इस पर आधारित रहता है।
निकुंज अग्रवाल को दूसरा स्थान
रैंक--भारत में - 20, लखनऊ--2
मार्क्स--314/400, 78.50 प्रतिशत
माता-पिता--निधि और हरि अग्रवाल
सफलता पर--सेंट मॉन्ट फोर्ट के स्टूडेंट रहे निकुंज बताते हैं कि इतना स्कोर आने की उम्मीद उन्हें नहीं थी। वे बताते हैं कि उन्होंने कोचिंग नहीं ली, सारी पढ़ाई घर में रहकर खुद की। यह उनका पहला प्रयास था और आगे सीएस बनकर वे कॅरिअर में कुछ अलग करना चाहते हैं।
भावी स्टूडेंट्स को सलाह
-एक साथ बहुत न पढ़ें, बल्कि एकाग्र होकर पढ़ें।
-अपने पर विश्वास रखें और परीक्षा में अपना श्रेष्ठ दें।
पलक पांडेय तीसरे स्थान पर
रैंक--भारत में--21, लखनऊ--3
मार्क्स--312/400, 78 प्रतिशत
माता पिता--अनिता और ब्रिजेश पांडेय
सफलता पर--पलक को देश भर में टॉप स्टूडेंट्स में जगह बनाना खुशी की बात है, वे कहती हैं कि इतने मार्क्स उम्मीद नहीं थी। यह उनका पहला अटैंप्ट था और स्कूली परीक्षाओं के बाद इस परीक्षा को लेकर नर्वस बहुत थीं लेकिन परीक्षा उतनी टफ नहीं थी, जितना सोचा था। यही सोचकर अब वे साथ में बीकॉम भी पढ़ने जा रही हैं।
भावी स्टूडेंट्स को सलाह
-परीक्षा के लिए शुरू से मेहनत करते चलें
-आईसीएसआई इंस्टीट्यूट से मिलने वाली किताबों से ही पढ़ें, यह काफी है।
अपराजिता को चौथा स्थान
रैंक--भारत में - 25, लखनऊ--4
मार्क्स--304/400, 76 प्रतिशत
माता पिता--सरोज सिंह और भूपेंद्र प्रताप सिंह
सफलता पर--अपने पहले अटैंप्ट में फाउंडेशन क्लीयर करने वाली ला मार्टिनेर स्टूडेंट रहीं अपराजिता सिंह ने बताया कि उन्हें और अच्छा स्कोर अपने की उम्मीद थी। हालांकि माता-पिता इसी स्कोर से फूले नहीं समा रहे हैं, टॉप 25 में आने से वे खुश हैं।
भावी स्टूडेंट्स रखें ख्याल-
- परीक्षा के लिए रेग्युलर प्रैक्टिस में रहें।
- अपने शिक्षकों की बात जरूर सुनें, फिर अपने आप से तैयारी करें।