कोरोना के दूसरी लहर में करीब आधा दर्जन से अधिक म्यूटेंट के पूर्वांचल में होने की जो आशंका बीएचयू के वैज्ञानिकों ने जताई थी, वो सही निकली। पूर्वांचल में एक-दो नहीं बल्कि सात म्यूटेंट होने की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें भी डबल म्यूटेंट अधिक प्रभावी है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाला बीटा वेरिएंट भी यहां सक्रिय है। वहीं प्रशासन ने शुक्रवार सुबह एक दर्जन से अधिक आईएएस अफसरों का तबादला किया गया। छह जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। इनके अलावा कुछ कमिश्नर भी बदले गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं के लिए दो- दो स्पेशल टीकाकरण बूथ बनाए जाएंगे। इसका शुभारंभ सोमवार यानी सात जून को होगा। सरकार की ओर से टीकाकरण को गति देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उधर, जौनपुर जिला जेल में शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की मौत के बाद भारी बवाल हुआ। एक कैदी की मौत से गुस्साए बंदियों ने जेल में जंगलराज कायम कर दिया। सजायाफ्ता कैदियों और बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। बैरकों से बाहर आकर कैदियों ने जेल पर कब्जा कर लिया। उधर, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने खेत तालाब के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन की फर्मों को अंतिम रूप देने के लिये एक समिति का गठन किया जाए। विस्तृत खबरें पढ़ें...
बीएचयू का शोध: पूर्वांचल में कोरोना के सात म्यूटेंट, डबल वाला ज्यादा प्रभावी, दक्षिण अफ्रीका का भी मिला
वाराणसी। कोरोना के दूसरी लहर में करीब आधा दर्जन से अधिक म्यूटेंट के पूर्वांचल में होने की जो आशंका बीएचयू के वैज्ञानिकों ने जताई थी, वो सही निकली। पूर्वांचल में एक-दो नहीं बल्कि सात म्यूटेंट होने की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें भी डबल म्यूटेंट अधिक प्रभावी है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाला बीटा वेरिएंट भी यहां सक्रिय है। बीएचयू के जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे और आईएमएस बीएचयू की टीम द्वारा वाराणसी समेत पांच जिलों (वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली,गाजीपुर) से 130 सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद में भेजा गया था, जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के जिलों में कोरोना की दूसरी लहर में कितने तरह के म्यूटेंट प्रभावी थे। अब सीसीएमबी हैदराबाद से सैंपल की जांच के बाद जो परिणाम आया है। उसके मुताबिक बनारस समेत आसपास के जिलों में एक दो नहीं बल्कि सात तरीके के म्यूटेंट की जानकारी मिली है। आईएमएस बीएचयू एमआरयू लैब की प्रमुख प्रोफेसर रोयाना सिंह के अनुसार, वीओसी (वैरियंट आफ कन्सर्न) बी 1.617 जिसे डबल म्यूटेंट कहा जाता है, वो दूसरी लहर में अधिक प्रभावी होना बताया गया है।
एटा सहित कई जिलों के डीएम का तबादला, राकेश कुमार सिंह गाजियाबाद के नए डीएम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने शुक्रवार सुबह एक दर्जन से अधिक आईएएस अफसरों का तबादला किया गया। छह जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। इनके अलावा कुछ कमिश्नर भी बदले गए हैं। शासन स्तर पर भी प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह तबादला प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। नीचे पढ़ें फेरबदल की पूरी लिस्ट...
आईएएस अधिकारियों के तबादले
- मुकेश मेश्राम प्रमुख सचिव पर्यटन के साथ महानिदेशक पर्यटन का अतिरिक्त प्रभार
- एनजी रवि सचिव व महानिदेशक पर्यटन से मंडलायुक्त गोरखपुर
- जयंत नार्लिकर मंडलायुक्त गोरखपुर से अपने मूल कैडर में वापस।
- बीएल मीणा प्रमुख सचिव समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण से प्रमुख सचिव सहकारिता
- एमवीएस रामीरेड्डी अपर मुख्य सचिव सहकारिता से अपर मुख्य सचिव उद्यान
- मनोज सिंह अपर मुख्य सचिव उद्यान से अपर मुख्य सचिव वन
- सुधीर गर्ग प्रमुख सचिव वन से प्रमुख सचिव पशुधन, दुग्ध विकास मत्स्य व समन्वय
- सुभाष चंद शर्मा मंडलायुक्त झांसी से प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा
- अजय शंकर पांडेय डीएम गाजियाबाद से मंडलायुक्त झांसी
- के. रविंद्र नायक प्रमुख सचिव व आयुक्त ग्राम विकास से प्रमुख सचिव समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण
- आरके सिंह डीएम मुरादाबाद से डीएम गाजियाबाद
- अंकित अग्रवाल उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण से जिला अधिकारी एटा
- विभा चहल डीएम एटा से अपर निदेशक आईसीडीएस
- बाल कृष्ण त्रिपाठी विशेष सचिव पंचायती राज से डीएम अमरोहा
- शैलेंद्र सिंह डीएम खीरी से डीएम मुरादाबाद
- अरविंद चौरसिया अपर निदेशक आईसीडीएस से डीएम खीरी
- उमेश मिश्रा डीएम अमरोहा से डीएम बिजनौर
- आरके पांडे डीएम बिजनौर से विशेष सचिव आबकारी
सात जून से हर जिले में महिलाओं के लिए होगा स्पेशल टीकाकरण बूथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं के लिए दो- दो स्पेशल टीकाकरण बूथ बनाए जाएंगे। इसका शुभारंभ सोमवार यानी सात जून को होगा। सरकार की ओर से टीकाकरण को गति देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के टीकाकरण, अभिभावकों, कर्मचारियों, शिक्षकों के लिए अलग-अलग बूथ बनाए गए हैं। अब मुख्यमंत्री ने सोमवार से महिला स्पेशल टीकाकरण बूथ बनाने का निर्देश दिया है। सोमवार से समस्त जनपद के महिला चिकित्सालय तथा संयुक्त चिकित्सालय में दो स्पेशल बूथ का संचालन किया जाएगा। यहां सिर्फ महिलाओँ का टीकाकरण होगा। इन बूथों पर सभी स्टॉफ भी महिला कर्मचारी होंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
सजायाफ्ता कैदी की मौत के बाद जेल में भारी बवाल, बैरकों से बाहर आए बंदी, आंसू गैस के गोले चले
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला जेल में शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की मौत के बाद भारी बवाल हुआ। एक कैदी की मौत से गुस्साए बंदियों ने जेल में जंगलराज कायम कर दिया। सजायाफ्ता कैदियों और बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। बैरकों से बाहर आकर कैदियों ने जेल पर कब्जा कर लिया। पगली घंटी बजने के बाद पीएसी सहित कई थानों की फोर्स जेल के अंदर पहुंची। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने कैदियों को नियंत्रित करने के लिए कई राउंड आंसू गैसे के गोले दागे। घंटों तक हंगामा चलता रहा। कैदियों ने गैस सिलिंडर को भी कब्जे में ले लिया था। बताया जा रहा है कि आक्रोशित बंदी अंदर तोड़फोड़ करने के साथ ही पुलिस पर पथराव कर रहे थे। शाम करीब साढ़े 4 बजे डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसपी राजकरन नय्यर भी जेल में पहुंचे। ड्रोन कैमरे की मदद से पुलिस जेल के अंदर के हालात की निगरानी कर रही है। जेल के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। बार-बार लाउडस्पीकर से हिदायत दी जा रही है।
मुख्य सचिव ने खेत तालाब के लिए जियो टैगिंग करने के दिए निर्देश
लखन्ऊ। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने खेत तालाब के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन की फर्मों को अंतिम रूप देने के लिये एक समिति का गठन किया जाए। जिसमें वित, नियोजन, एमएसएमई और कृषि के प्रतिनिधियों को जरूर शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के अंतर्गत गठित सातवीं राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) की वीडियो कांफ्रेंसिंग से आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग को जो पंजीकरण एवं आवेदन शुल्क मिला है, उसमें से एक वर्ष की प्रभावी कार्य योजना तैयार कर अनुमोदित कराई जाए। स्प्रिंकलर के लिए अधिकतम क्षेत्र 05 हेक्टेयर से कम करके 02 हेक्टेयर कर दिया जाए। जिससे अधिक से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों को लाभ मिल सके। अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बताया गया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में मुख्यत: चार घटक त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी), हर खेत को पानी, पर ड्राप मोर क्रॉप एवं जलागम विकास के कार्यक्रम चल रहे हैं। एआईबीपी घटक के अंतर्गत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सरयू (राष्ट्रीय नहर), अर्जुन सहायक नहर, मध्य गंगा नहर (फेज-2) संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं से अब तक 13.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचन क्षमता सृजित हो चुकी है। इनके पूरा होने पर 15.94 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये की खेत तालाब योजना में प्रदेश में 10 हजार खेत तालाबों का निर्माण कराया जाना है। उद्यान विभाग ने 665.57 करोड़ रुपये की परियोजना पेश की। जिसके माध्यम से 1.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से सिंचन क्षमता विकसित की जाएगी। लघु सिंचाई विभाग ने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अन्तर्गत 94573 नलकूप एवं सामुदायिक ब्लास्ट कूप योजना के अंतर्गत 804 ब्लास्ट कूप निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसमें 247.50 करोड़ रुपये व्यय किया जाना प्रस्तावित है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।