लखनऊ। पारा के पूर्वीदीन खेड़ा स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में कानपुर के महाराजपुर निवासी छात्र दिव्यांश (11) की पिटाई से मौत के मामले में पारा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम गुरुकुल के छात्रों का बयान दर्ज करने उनके गांव भेजी गई है। घटना के बाद आरोपी संचालक कन्हैया मिश्रा ने अन्य छात्रों को उनके घर भेज दिया था।
जांच में पता चला कि आरोपी संचालक ने कमरा किराये पर रहने के लिए लिया था। तीन महीने पहले उसने उसी में गुरुकुल का संचालन शुरू कर दिया।
इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह ने बताया कि कानपुर की महाराजपुर पुलिस ने दिव्यांश की मौत का मामला दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को महाराजपुर पुलिस ने पारा पुलिस की मदद से संचालक कन्हैया मिश्रा और उसकी महिला मित्र हर्षिता सोनी को गिरफ्तार किया। महाराजपुर पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। वहीं पारा पुलिस ने भी अपने स्तर से जांच शुरू की है। दिव्यांश के अलावा गुरुकुल में आठ और छात्र थे, जिनमें अधिकतर गोंडा के निवासी हैं। एक छात्र कानपुर के बिल्हौर का है। पुलिस टीम इन सभी छात्रों से बातचीत कर बयान दर्ज करेगी। छात्रों के दस्तावेज में गांव का पता तो था, पर संपर्क नंबर नहीं था। इससे पुलिस परिजनों से संपर्क नहीं कर सकी।
केस ट्रांसफर हुआ तो केयरटेकर से भी की जाएगी पूछताछ
इंस्पेक्टर पारा ने बताया कि गुरुकुल जिस मकान में चल रहा था, वह जौनपुर की महिला के नाम है। इसे इलाके के ही बिल्डर संजीव गुप्ता ने बनाया था और वही इसका केयरटेकर है। गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल पहले उसी मकान में किरायेदार था और तीन माह पहले ही उसने गुरुकुल शुरू किया था। केयरटेकर ने न तो किरायेदार का सत्यापन कराया और न ही पुलिस को गुरुकुल चलने की जानकारी दी। महाराजपुर का केस पारा पुलिस को स्थानांतरित होता है तो केयरटेकर से भी पूछताछ की जाएगी।
यह है पूरी घटना
कानपुर के महाराजपुर के गैरिया गांव निवासी दिव्यांश के पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने 15 अप्रैल को दिव्यांश का दाखिला गुरुकुल में कराया था। 22 अप्रैल की सुबह रिश्तेदार ने दिव्यांश के सीढ़ियों से गिरने की सूचना दी। इसके बाद गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कार से बेटे के शव को घर से थोड़ी दूरी पर छोड़कर भाग गया। दिव्यांश के शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। घरवालों ने उसके साथ गलत होने की आशंका जताई। पिता की तहरीर पर महाराजपुर थाने में हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
शिक्षक का आधार देकर किराये पर लिया था
केयरटेकर संजीव गुप्ता ने वर्ष 2025 में गुरुकुल के संचालक कन्हैयालाल को रहने के लिए एक कमरा किराये पर दिया था। इसके लिए मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बिजासिन निवासी कन्हैयालाल मिश्र ने शिक्षक सौरभ मिश्रा का आधार कार्ड लगाया था। कुछ महीनों बाद धनतेरस के बाद रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ के नाम से गुरुकुल चलाकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। मकान में दो और भी कमरे बने हैं, जो बंद रहते हैं।
पड़ोसी किराना दुकानदार बलिराम शर्मा ने बताया कि कभी-कभी बच्चे शाम के समय जरूरी सामान लेने के लिए आते थे, लेकिन कभी ऐसी कोई बात बच्चों ने नहीं बताई जिससे गुरुकुल संचालक पर संदेह हो।
पास में ही रहने वाली राज बाला ने बताया पहले तो कई महीनों तक पता ही नहीं चला कि मकान में बच्चे पढ़ते हैं, न ही कभी कोई मारपीट की बात सामने आई। पुलिस जब पहुंची तो घटना का पता चला।
मनोज मिश्रा कहते हैं कि आरोपी संचालक का स्वभाव सभी से अच्छा था। कुछ ऐसा लगा ही नहीं जिससे उसके ऊपर शक हो। पता नहीं 15 अप्रैल को क्या हुआ जो शिक्षक ने छात्र की बुरी तरीके से पिटाई कर दी।
दिव्यांश की फाइल फोटो।