लखनऊ। पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगियों में यात्रियों की सुविधा और सीटों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए रेलवे प्रशासन टोकन सिस्टम दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इससे जनरल कोचों में सीटें बेचने का धंधा खत्म होने की उम्मीद है।
अमर उजाला ने 8 अक्तूबर को ‘दलाल 200 रुपये में बेच रहे जनरल कोच की सीटें’ शीर्षक से लखनऊ जंक्शन से मुंबई के लिए चलने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में यात्रियों से रेलकर्मी और दलालों द्वारा 200 रुपये तक वसूलने का खुलासा किया था। खबर के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी हरकत में आ गए।
आरपीएफ की जांच में सीटें बेचने में यांत्रिक विभाग के रेलकर्मी सुनील और दो निजी कर्मचारियों की भूमिका सामने आई। इस कार्रवाई के बाद रेलवे मंडल ने जनरल बोगियों में यात्रियों को व्यवस्थित रूप से बिठाने के लिए पुराने टोकन सिस्टम को फिर से लागू करने पर विचार शुरू किया है।
ऐसे खत्म हुई थी टोकन व्यवस्था
वर्ष 2019 में स्टेशन पर टोकन मशीनें लगाई गई थीं, जिनसे रोजाना आरपीएफ की निगरानी में करीब 150 टोकन यात्रियों को जारी किए जाते थे। शाम को ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर लगने के बाद उन्हीं टोकनों के आधार पर यात्रियों को बोगियों में बिठाया जाता था। इससे जिन जनरल कोचों की क्षमता 75 यात्रियों की थी, उनमें भीड़भाड़ और धक्का-मुक्की के बिना लगभग 150 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बैठाया जाता था। यह व्यवस्था यात्रियों की भीड़ और मारामारी को काफी हद तक खत्म कर चुकी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान सिस्टम बंद हो गया। मशीनें खराब हो गईं और उसके बाद यह व्यवस्था दोबारा पटरी पर नहीं लौट सकी।
प्लेटफॉर्म बदलने से भी बढ़ीं दिक्कतें
पहले पुष्पक एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 से रवाना होती थी, लेकिन अब इसे प्लेटफॉर्म 2 पर शिफ्ट कर दिया गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। पहले कैबवे से सीधा पहुंचना आसान था, अब यात्रियों को काफी पैदल चलना पड़ता है। ट्रेन भी इस प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह फिट नहीं बैठती, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर ट्रेन पूरी तरह लग जाती थी।
Iपुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगियों में यात्रियों को बिठाने के लिए पहले टोकन व्यवस्था थी। इसे दोबारा शुरू करने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। यात्रियों के हित में जो भी कदम जरूरी होंगे, उठाए जाएंगे।I
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- चंद्रमोहन मिश्र, डीआईजी, आरपीएफI