रायबरेली। जिले के 2301 परिषदीय विद्यालयों में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है, ताकि छात्र-छात्राओं को सहूलियत मिल सके। विद्यालयों को संवारने का काम किया जा रहा है। कायाकल्प के तहत होने वाले अधूरे कार्य में अब बजट की कमी नहीं होगी, क्योंकि कुछ अधूरे कार्यों को पूरा कराने को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसी साल सारे काम करा दिए जाएंगे, ताकि सभी स्कूल चमक सकें।
परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराने के लिए मल्टीपल हैंडवॉश, रनिंग वाटर, बालक व बालिका के लिए अलग-अलग शौचालय, मूत्रालय, दिव्यांगों के लिए शौचालय, रैंप-रेलिंग, चारदीवारी, टाइलीकरण समेत 19 बिंदुओं पर काम हो रहे हैं। अभी भी कई विद्यालयों में कुछ काम अधूरे हैं। सभी विद्यालयों को 19 बिंदुओं के कार्यों से पूर्ण करने के लिए बजट की व्यवस्था हो रही है। इस शैक्षिक सत्र में लगभग एक करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 72 स्कूलों में बॉयज शौचालय के लिए 72 लाख रुपये, 64 स्कूलों में गर्ल्स शौचालय के लिए 64 लाख रुपये, 102 स्कूलों में विद्युत संबंधी समस्या दूर करने के लिए 33 लाख 38 हजार 154 रुपये और 65 स्कूलों में मेजर रिपेयरिंग के लिए 58 लाख 72 हजार 409 रुपये स्वीकृत हुए हैं।
विद्युत संबंधी समस्या के अंतर्गत एक स्कूल में पांच पंखे, पांच एलईडी लाइट, वायरिंग, अन्य उपकरण, बिजली कनेक्शन संबंधी कार्य कराए जा सकेंगे। वृहद मरम्मत के अंतर्गत क्लास रूम की फर्श दुरुस्त कराने के साथ उनका टाइलीकरण, दीवारों का प्लास्टर, छतों की मरम्मत, खिडक़ी-दरवाजों को ठीक कराने का काम हो सकेगा। बजट उपलब्ध होते ही उसे जरूरत वाले स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समिति को भेज दिया जाएगा। इसी सत्र में काम पूरा कराने का प्रयास होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के तहत 90 फीसदी कार्य हो चुके हैं। ग्राम पंचायतों से भी सहयोग लिया गया है। जिला समन्वयक (निर्माण) सत्यम वर्मा ने बताया कि कायाकल्प के तहत 19 बिंदुओं पर काम कराए जा रहे हैं। जिन विद्यालयों में कुछ काम अधूरे हैं, उन्हें इसी साल पूरा करा लिया जाएगा। शौचालय, विद्युत एवं मरम्मत संबंधी कार्य के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। जैसे ही बजट मिलेगा, उसे विद्यालय प्रबंध समिति को भेजकर काम करा लेंगे। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि कायाकल्प का काम प्रगति पर है। सभी स्कूलों में 19 बिंदुओं के तहत सभी काम जल्द से जल्द पूरे कराए जाएंगे।