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Lucknow : झांसी कांड की रिपोर्ट दाखिल करने का आज अंतिम दिन, 15 नवंबर की रात हुआ था दर्दनाक हादसा

Sat, 23 Nov 2024 04:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बृहस्पतिवार को कमेटी के सदस्यों ने झांसी में मिले विभिन्न पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करना शुरू किया। अस्पतालों में आपदा प्रबंधन के नियमों का भी अध्ययन किया गया। उम्मीद थी कि कमेटी शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट शासन को भेज देगी। लेकिन देर शाम तक कमेटी के सदस्य रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। ऐसे में अब कमेटी के सामने सिर्फ एक दिन का समय बच रहा है।
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झांसी मेडिकल में जांच टीम। file - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झांसी मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट दाखिल करने की शनिवार को अंतिम तिथि है। ऐसे में शुक्रवार देर शाम तक जांच कमेटी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटी रही। झांसी में बच्चों की मौत के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक किंजल सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यी जांच कमेटी गठित की गई है। 16 नवंबर को गठित कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। 

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कमेटी दो दिन झांसी में रहकर तहकीकात की। बृहस्पतिवार को कमेटी के सदस्यों ने झांसी में मिले विभिन्न पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करना शुरू किया। अस्पतालों में आपदा प्रबंधन के नियमों का भी अध्ययन किया गया। उम्मीद थी कि कमेटी शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट शासन को भेज देगी। लेकिन देर शाम तक कमेटी के सदस्य रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। ऐसे में अब कमेटी के सामने सिर्फ एक दिन का समय बच रहा है।

मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में 15 नवंबर की रात भीषण आग लग गई थी। हादसे के वक्त वार्ड में 49 नवजात भर्ती थे, जिनमें से आग की चपेट में आने से 10 नवजातों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि, बाकी 39 बच्चों को आग से बचाकर मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
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हादसे के बाद से बचाए गए बच्चों की मौत का क्रम लगातार बना हुआ है। हादसे के बाद एक-एक कर दो बच्चों की पहले ही मौत हो गई। जबकि, मंगलवार की रात रक्सा थाना इलाके के ग्राम बजाना निवासी काजल पत्नी बॉबी के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार की दोपहर ग्राम बमेर निवासी लक्ष्मी पत्नी महेंद्र की बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा मऊरानीपुर निवासी पूजा पत्नी कृष्णकांत के बच्चे की सांसें थम गईं।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. एनएस सेंगर ने बताया कि तीनों बच्चों की मौत बीमारी से हुई है। ये बच्चे आग से नहीं झुलसे थे और न ही धुएं से इन्हें कोई नुकसान हुआ था।
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