राधा माधव संकीर्तन मंडल की ओर से निकाली गई शोभायात्रा में सजा दरबार। अमर उजाला
आठौं (शीतलाष्टमी) का पूजन बृहस्पतिवार को शीतला माता के मंदिरों में होगा। मंदिरों में शीतला माता के पूजन के साथ उन्हें बसिउरा का भोग भी लगाया जायेगा। बसिउरा का भोग बुधवार को शाम महिलायें घरों में तैयार करती रहीं, बृहस्पतिवार को इन्हीं का भोग लगेगा। शीतलाष्टमी पर चौक मंदिर के अलावा टिकैतराय तालाब स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में चर्चित आठौं का मेला भी लगेगा। बुधवार देर रात तक मेले की तैयारियां होती रहीं। बड़ी शीतला देवीमंदिर कमेटी के पदाधिकारी सुनील कुमार सैनी ने बुधवार को बताया कि बृहस्पतिवार को रात 12 बजे तक मंदिर खुला रहेगा।
अष्टमी पर बृहस्पतिवार को फूलवाली गली चौक में स्थित फूलमती देवी मन्दिर (शीतला देवी मन्दिर) में पूजन होंगे। मुख्य संयोजक राजकुमार वर्मा ने बताया कि शीतला अष्टमी पर मंदिर कि पट भोर के 4 बजे खुल जायेंगे और रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। पर्व के अवसर पर विशाल भण्डारा और भजन संध्या का आयोजन भी होगा। अलीगंज के आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि शीतला माता को बासी पकवान का भोग लगाया जाता है। उनसे कामना की जाती है। जिसके बाद दाह, ज्वर, फ ोड़े- फुं सी, पीत-ज्वर, नेत्रों के समस्त रोग तथा शीतलजनित अन्य सर्व रोग दूर होते हैैं। शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त सुबह 6:06 से शाम 6:17 तक है।