अगर सोमवार की रात आपने चांद देखा तो चोरी करने का झूठा कलंक भी लग सकता है।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचना चाहिए।
कालांतर में भगवान श्रीकृष्ण ने भूलवश चंद्रदर्शन कर लिया था, तब उन पर मणि चोरी का कलंक लगा था। महावीर पंचांग के अनुसार 9 सितंबर को चंद्रदर्शन करने से बचना श्रेयस्कर रहेगा।
शाम 6:11 पर सूर्यास्त के बाद चंद्रोदय होगा, जबकि चंद्रास्त रात 8:35 के बाद होगा। उधर, महानगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि रविवार को शाम 4 बजे के बाद से चतुर्थी का मान शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगर कोई चांद देख भी ले उसे श्रीमद्भागवत में स्यमयंतक मणि की कथा का श्रवण करना चाहिए।
आचार्य के मुताबिक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का दूर्वा, जल, दुग्ध, सिंदूर से अभिषेक कर लड्डुओं का नैवैद्य लगाना चाहिए। आरती के बाद सिद्धिविनायक की आरती पूजन करना चाहिए।