सोमवार को वाराणसी में हल्की बूंदाबांदी हुई।
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प्रदेश के पश्चिमी इलाकों और राजस्थान में सक्रिय मौसमी सिस्टम के चलते राजधानी में बुधवार को मौसम के तेवर नरम रह सकते हैं। मौसम विभाग ने राजधानी समेत आसपास के इलाकों में धीमे व तेज धूल भरे अंधड़ों के बीच गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार जताए हैं। हालांकि यह प्री-मानसूनी बौछारें या बारिश नहीं कही जा सकती। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि राजस्थान में सक्रिय मौसमी बदलावों केचलते प्रदेश के कई इलाकों समेत राजधानी में भी मौसम बदलने की संभावना है।
उधर, मंगलवार को भी सुबह से रात तक चलने वाले हवा केपछुआ झोकों के चलते मौसम के तेवर नरम बने रहे। चार दिन से लगातार सरक रहे तापमान के चलते पारा 39 डिग्री के करीब तक जा पहुंचा। यह चार दिनों में 44.9 डिग्री से सरककर 39.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा जबकि न्यूनतम पारा सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक 27.9 दर्ज किया गया।
चार दिनों में लुढ़कता पारा
तारीख अधिकतम
18 जून 39.4
17 जून 40.9
16 जून 41.6
15 जून 44.9
प्री-मानसूनी बौछारों के लिए अभी थोड़ा इंतजार
बीते दो-तीन दिनों से तेज अंधड़ों समेत सुबह और आते-जाते बादलों संग प्री-मानसूनी दौर का आगाज होने जा रहा है। सोमवार को बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को भी सुबह अंधड़ों केसाथ मौसम खुशनुमा हुआ। दिन में भी तेज अंधड़ का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को गरज-चमक केसाथ बदली-बौछारों के आसार हैं। इन सबके बीच प्री-मानसूनी बौछारों का इंतजार अब शुरू हो गया है। हालांकि मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, लोगों को प्री मानसूनी बौछारों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि मंगलवार की परिस्थितियों के हिसाब से मानसून अभी नार्थ ईस्ट प्रदेशों में असम के पास ठहरा हुआ है। उत्तर प्रदेश तक आने में अभी 5-8 दिन का समय भी लग सकता है। ऐसे में उसके तीन-चार दिन पहले की बारिश को प्री-मानसूनी कह सकते हैं। बुधवार-बृहस्पतिवार को होने वाले मौसमी बदलाव-बौछारें राजस्थान में सक्रिय मौसमी बदलाव के कारण हो सकते हैं।