विधानसभा परिसर में आपके पीने के लिए आधा गिलास पानी आए तो चौंकिएगा नहीं। आपकी प्यास नहीं बुझी है तो फिर और पानी मांग सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के निर्देश पर बृहस्पतिवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई।
दरअसल यह थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन जल संरक्षण का संदेश देने के लिए यह नई पहल है। इसकी शुरूआत विधानसभा अध्यक्ष ने की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि विधानसभा परिसर में प्रारंभ में आधा गिलास पानी ही दिया जाए।
आवश्यकता होने पर फिर जल दिया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि यह देखा गया है कि पीने के लिए पूरे भरे गिलास के पानी का उपयोग नहीं किया जाता है। इसलिए विधानसभा परिसर एवं सचिवालय के सभी अनुभागों में आधा गिलास जल ही प्रस्तुत किया जाए। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने कसभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह अपेक्षा जताई है कि वे इस व्यवस्था का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।