टिकैत ने कहा कि लखनऊ एयरपोर्ट के लिए 11 सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण तो किया गया, लेकिन किसानों को उसके बदले एक फूटी कौड़ी नहीं दी गई। कह दिया गया कि वर्ष 1942 में जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था। अंग्रेजों केशासन काल में ही अधिग्रहण हो गया। यह मजाक है। इसका हिसाब होगा। इस बार बरसात के बाद लखनऊ एयरपोर्ट की जमीन पर किसान बोआई करेंगे। इन पीड़ित किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
लखीमपुर जाएंगे टिकैत
टिकैत ने बताया कि वे तीन दिन लखीमपुर खीरी में रहेंगे, जहां शहीद किसानों के परिजनों और जेल में बंद किसानों से मुलाकात की जाएगी। पंचायत में लखीमपुर खीरी के दिवंगत किसानों के परिजनों को बुलाकर भी उनका सम्मान किया गया।
700 किसानों को श्रेय
भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि अब तक जो भी सफलता आंदोलन को मिली है, उसका सबसे ज्यादा श्रेय उन 700 किसानों को जाता है, जिन्होंने अपना बलिदान दिया है। इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। पंचायत को डॉ. दर्शनपाल सिंह, बलदेव सिंह, धर्मेंद्र मलिक, राजेश चौहान, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिन्दर सिंह उगराहा आदि ने भी संबोधित किया।
बीमार सरकार को बड़ा इंजेक्शन यूपी देगा : योगेंद्र
मोर्चे के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि यूपी की धरती खास है। जैसे ही यहां पंचायत की घोषणा हुई, तत्काल कृषि कानून वापस हो गए, लेकिन अभी बीमार सरकार को बड़ा इंजेक्शन देने की आवश्यकता है। बंगाल के लोगों ने चुनाव में छोटा इंजेक्शन दिया, लेकिन यूपी चुनाव में जनता बड़ा इंजेक्शन देगी तो अहंकार की बीमारी का इलाज हो जाएगा।
महापंचायत की मुख्य मांगें
- एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जाए
- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए
- किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हों
- विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020-2021 को वापस लिया जाए
- दिवंगत किसानों के परिजनों को मुआवजा और 700 किसानों की स्मृति में सिंघु बार्डर पर स्मारक के लिए जमीन दी जाए
- एनसीआर और इससे जड़े क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम 2021 में किसानों को सजा का प्रावधान खत्म किया जाए।
अन्य मांगें
- युवाओं को नौकरी दी जाए
- पुलिस कांस्टेबलों का वेतन शिक्षकों के बराबर किया जाए
- ग्राम समाज की जमीन न बेची जाए
- छुट्टा पशुओं द्वारा की गई फसलों की बर्बादी को फसल बीमा में कवर किया जाए
- किसानों का कर्ज माफ हो