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लखनऊ में किसान महापंचायत : टिकैत का एलान- जारी रहेगा आंदोलन, संग्राम विश्राम की घोषणा सरकार ने की है, किसानों ने नहीं

Mon, 22 Nov 2021 08:57 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उन्होंने कहा कि संग्राम विश्राम की घोषणा भारत सरकार ने की है किसानों ने नहीं।  मसले अभी बहुत हैं जिनका हल निकलने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा।
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राकेश टिकैत - फोटो : ANI
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विस्तार
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तीन कृषि कानूनों की वापसी के बावजूद फिलहाल किसान आंदोलन जारी रहेगा। लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को यह एलान किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार बैठकर हर मसले पर बात नहीं करेगी, तब तक किसान अपने घरों को नहीं जाएंगे। संग्राम विश्राम की घोषणा भारत सरकार ने की है, किसानों ने नहीं।

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ईको गार्डन में संयुक्त किसान मोर्चे की महापंचायत में टिकैत ने कहा कि केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। बीज विधेयक, एमएसपी गारंटी, प्रदूषण विधेयक, दूध नीति, बिजली दरें जैसे तमाम मुद्दे हैं, जिनका समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि जो 17 विधेयक संसद में लाए जा रहे हैं, उन्हें भी लागू नहीं होने दिया जाएगा।

26 को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने का आह्वान
टिकैत ने आह्वान किया कि किसान 26 नवंबर को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचें। इस दिन से ट्रैक्टर संसद की ओर लगातार रवाना होंगे। 29 तारीख से रोज 1000 लोग 60 ट्रैक्टर लेकर उधर निकलेंगे।
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पीएम शहद जैसी मीठी बात करते हैं तो शक होता है : टिकैत
लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि नरेंद्र मोदी जिस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने एक रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी थी। इसमें एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की थी। अब वह प्रधानमंत्री हैं तो उसे लागू करें। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी बात समझाने में किसानों को एक साल का समय लगा। पीएम शहद जैसी मीठी बात करते हैं, तो शक होता है। 
उन्होंने कहा कि संसद में कानून वापस लेकर बरगलाने की कोशिश की जाएगी कि अब उनकी मांगे पूरी हो गई लेकिन इस बहकावे में नहीं आना है। जनता को सावधान रहना है। ये जनता को हिंदू, मुस्लिम, सिख, जिन्ना में उलझाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि यूपी में गन्ने का दाम सबसे कम है। इसेबढ़ाया जाए और बकाया भुगतान तत्काल किया जाए।

...तो डीएम के घर जाएगा गन्ना
टिकैत ने कहा कि अगले सप्ताह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी लखीमपुर खीरी में एक चीनी मिल का उद्घाटन करने जा रहे हैं। वे अपराधी हैं। यदि टेनी ने चीनी मिल का उद्घाटन किया तो किसान सारा गन्ना वहां के डीएम के घर पर डालकर आएंगे। टेनी को मिल का उद्घाटन नहीं करने दिया जाएगा।

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इस बार लखनऊ एयरपोर्ट की जमीन में बोआई

टिकैत ने कहा कि लखनऊ एयरपोर्ट के लिए 11 सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण तो किया गया, लेकिन किसानों को उसके बदले एक फूटी कौड़ी नहीं दी गई। कह दिया गया कि वर्ष 1942 में जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था। अंग्रेजों केशासन काल में ही अधिग्रहण हो गया। यह मजाक है। इसका हिसाब होगा। इस बार बरसात के बाद लखनऊ एयरपोर्ट की जमीन पर किसान बोआई करेंगे। इन पीड़ित किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी।

लखीमपुर जाएंगे टिकैत
टिकैत ने बताया कि वे तीन दिन लखीमपुर खीरी में रहेंगे, जहां शहीद किसानों के परिजनों और जेल में बंद किसानों से मुलाकात की जाएगी। पंचायत में लखीमपुर खीरी के दिवंगत किसानों के परिजनों को बुलाकर भी उनका सम्मान किया गया।

700 किसानों को श्रेय
भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि अब तक जो भी सफलता  आंदोलन को मिली है, उसका सबसे ज्यादा श्रेय उन 700 किसानों को जाता है, जिन्होंने अपना बलिदान दिया है। इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। पंचायत को डॉ. दर्शनपाल सिंह, बलदेव सिंह, धर्मेंद्र मलिक, राजेश चौहान, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिन्दर सिंह उगराहा आदि ने भी संबोधित किया।

बीमार सरकार को बड़ा इंजेक्शन यूपी देगा : योगेंद्र
मोर्चे के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि यूपी की धरती खास है। जैसे ही यहां पंचायत की घोषणा हुई, तत्काल कृषि कानून वापस हो गए, लेकिन अभी बीमार सरकार को बड़ा इंजेक्शन देने की आवश्यकता है। बंगाल के लोगों ने चुनाव में छोटा इंजेक्शन दिया, लेकिन यूपी चुनाव में जनता बड़ा इंजेक्शन देगी तो अहंकार की बीमारी का इलाज हो जाएगा।

महापंचायत की मुख्य मांगें
- एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जाए
- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए
- किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हों
- विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020-2021 को वापस लिया जाए
- दिवंगत किसानों के परिजनों को मुआवजा और 700 किसानों की स्मृति में सिंघु बार्डर पर स्मारक के लिए जमीन दी जाए
- एनसीआर और इससे जड़े क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम 2021  में किसानों को सजा का प्रावधान खत्म किया जाए।

अन्य मांगें
- युवाओं को नौकरी दी जाए
- पुलिस कांस्टेबलों का वेतन शिक्षकों के बराबर किया जाए
- ग्राम समाज की जमीन न बेची जाए
- छुट्टा पशुओं द्वारा की गई फसलों की बर्बादी को फसल बीमा में कवर किया जाए
- किसानों का कर्ज माफ हो
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