बहराइच। मवेशी चराकर लौट रहे 12 वर्षीय बच्चे पर रविवार को बिछिया में रेलवे गेट के पास बाघिन ने हमला कर दिया। सड़क से बच्चे को घसीटते हुए बाघिन जंगल में ले जा रही थी।
इसके बाद उसे जख्मी हालत में ही छोड़कर करीब 15 मिनट तक बाघिन उसके पास ही बैठी रही। रेलवे के गेटमैनों और ग्रामीणों ने किसी तरह हांका लगाकर बाघिन को भगाया। इसके बाद बच्चे को पीएचसी सुजौली पहुंचाया गया।
वहां हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने उसे सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया। वहां से परिवारीजन बच्चे को लेकर लखीमपुर जिला अस्पताल गए जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेज दिया गया।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के गेट संख्या 97 पर स्थित रेलवे क्रासिंग के निकट करीब एक सप्ताह से बाघ को देखा जा रहा था। इससे यहां बाघ की दहशत बनी हुई थी।
बाघिन भी दो शावकों के साथ कई बार देखी गई है। इसी बीच रविवार शाम चार बजे सुजौली थाना क्षेत्र के ग्राम नारायण टांड़ा कारीकोट निवासी अजय (12) पुत्र लल्लू मवेशियों को चराकर ग्रासलैंड से वापस लौट रहा था।
जैसे ही वह रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचा। तभी बाघिन ने उस पर हमला कर दिया। हमले में घायल अजय मौके पर ही बेहोश हो गया। उसके सिर, गर्दन और कंधे पर गहरे जख्म हुए हैं।
जख्मी हालत में ही बाघिन उसे छोड़कर पास ही बैठ गई थी। करीब 15 मिनट तक बाघिन वहीं डटी रही। रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन निरंजन और गौतम के साथ भवानीपुर निवासी ननकऊ, लाल मोहम्मद, शब्बीर, शिवप्रसाद आदि ने हांका लगाकर बाघिन को जंगल की ओर भगाया।
हांका लगाने के दौरान पास के खेतों में काम कर रहीं तमाम महिलाएं भी एकत्र हो गई थीं। जिसके बाद ग्रामीणों ने घायल अजय को उधर से गुजरे लखीमपुर के गोला हैदराबाद निवासी जावेद अहमद की कार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली भेजा।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने अजय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर कर दिया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राम नारायण वर्मा ने बताया कि बाघिन के हमले में गंभीर रूप से घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। मगर पता चला कि परिवारीजन बालक को लेकर लखीमपुर जिला अस्पताल चले गए थे, जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, वन दरोगा मयंक पांडेय ने घटनास्थल का मुआयना किया। वनाधिकारियों के मुताबिक क्रॉसिंग के पास लगातार बाघिन का मूवमेंट मिल रहा है। घायल बच्चे को इलाज के लिए वनकर्मियों की निगरानी में भेजा गया है। प्रार्थनापत्र मिलने पर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।