इटावा लायन सफारी की तर्ज पर लखनऊ में भी सैकड़ों एकड़ में तैयार होने वाली बायोडायवर्सिटी पार्क और टाइगर सफारी की कवायद ने एक बार फिर से जोर पकड़ा है।
सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो आने वाले दिनों में कुकरैल वनक्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में बाघों की दहाड़ गूंजेगी और तेंदुओं के साथ कई प्रजाति के हिरण और अन्य वन्यजीवों को सफारी में दर्शक देख सकेंगे।
आला अधिकारियों और महकमे के मंत्री के सामने प्रोजेक्ट को लेकर प्रेजेेंटेशन भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद योजना को रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।
कई चरणों में बनने वाली कुकरैल टाइगर सफारी में ईको टूरिज्म संवारने के लिए बायोडायवर्सिटी पार्क को जोड़ा जा सकता है।
टाइगर, लेपर्ड, भालू, हिरण, ब्लैक बक और सांभर आदि की सफारी भी विकसित की जानी है। इसके अलावा सालभर प्रदेश में जंगलों से बाहर निकल रहे बाघ और तेंदुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का रेस्क्यू सेंटर भी तैयार किया जाना भी प्राथमिकता में है।
वन्यजीवों के इलाज के अलावा उनके रहन-सहन डिस्प्ले हो सके, इसका भी इंतजाम रहेगा। योगी सरकार में प्रोजेक्ट को लेकर कवायद 2017-18 में शुरू हुई थी।
बजट के बाद अब ये आने वाले दिनों में रफ्तार पकड़ सकता है। पूरे प्रोजेक्ट के लिए 500 करोड़ से अधिक का बजट आंका जा रहा है। कुकरैल वनक्षेत्र लगभग पांच हजार एकड़ में फैला हुआ है।
ये कुछ हिस्से रहेंगे अहम
वाइल्डलाइफ विंग्स
- टाइगर, तेंदुआ, भालू, हिरण, शाकाहारी वन्यजीवों की सफारी, एनिमल हाउस, फीडिंग सेल, जलबिंदु क्षेत्र, पिंजड़ों के साथ रोड नेटवर्क।
- वन्यजीव अस्पताल, आपरेशन थियेटर, पैथालाजी लैब, एक्सरे यूनिट, एनिमल हाउस आदि।
- बीमार वन्यजीवों के बैरक, हरियाली सुविधा युक्त नेचर ट्रेल्स।
रोमांचक गतिविधियों का क्षेत्र
- डीपीआर के मुताबिक, वाइल्डलाइफ सफारी जोन से इतर एडवेंचर्स गतिविधियों को लेकर भी कई योजनाओं पर काम चल रहा है। जिनमें बोटिंग, रोप गतिविधियां वाले एडवेंचर, कैनोपी वॉक, कैंपिंग एरिया, योगा और मेडिटेशन सेंटर, प्रकृति शिक्षण केंद्र, आर्टिफिशियल डिस्प्ले शाप, क्लाइंबिंग ट्रेल भी हो सकते हैं।
इको टूरिज्म की भी सौगात
- इसके अलावा दर्जनों किस्म के फूलों के लिए पार्क, तितली पार्क, हर्बल गार्डन, कैक्टस गार्डन, ग्रीन हाउस विंग्स, दर्जनों किस्म की प्रजातियों के बांस के बागान, दुर्लभ वनस्पतियों की वाटिका। दर्शकों के लिए वाइल्डलाइफ, बायोडाइवर्सिटी पार्क के इतर फूडकोर्ट, शापिंग जोन, पार्क़िग जोन आदि भी डवलप किए जाएंगे।
सीएम के निर्णय के बाद ही योजना पर काम होगा शुरू
वनमंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश के लोगों के लिए ईको टूरिज्म, वाइल्डलाइफ से जोड़ने को लेकर कुकरैल वनक्षेत्र में पार्क, सफारी प्रोजेक्ट पर योजना बन रही है। वन्यजीवों का संरक्षण हो, आमजन वहां सैर कर सकें, वन पर्यटन के अवसर बढ़ें। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रेजेंटेशन होनी है। उनके निर्णय के बाद ही आगे की कार्ययोजना पर काम शुरू होगा।