राजधानी लखनऊ में बाघ ने रहमानखेड़ा के बाद अब हलुवापुर गांव में वनरोज के बच्चे को निवाला बना डाला। किसान रमेश मिश्रा के बाग में सोमवार दोपहर लोगों ने पशु का शव पड़ा देखा। जगह-जगह मांस नोचा गया था। पंजों के निशान भी मिले।
ग्रामीणों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। पीआरवी 0468 ने स्थानीय थाने को बताया। वहां से कहा गया कि वन विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। उधर, वन विभाग ने सूचना न मिलने की बात कही। कुल मिलाकर कई घंटे तक वन विभाग की टीम वहां नहीं पहुंची। ग्रामीण दहशत में रहे।
डीएफओ शीतांशु पांडे ने बताया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने से प्रतीत होता है कि वनरोज के बच्चे को हिंसक जानवर ने खाया है। यदि बाघ हमला करता तो 40 फीसदी मांस खा जाता। उसके हमले की यही पहचान है। फिर भी बाघ की आशंका में कॉम्बिंग कराई जा रही है। ग्रामीण आशीष मिश्रा ने बताया कि गांव में दहशत का माहौल है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
दहशत के 13 दिन
काकोरी क्षेत्र में 13 दिनों से बाघ की दहशत है। सोमवार को गुरदीनखेड़ा नहर पटरी के पास सरसों के खेत में बाघ के नए पगचिह्न मिले। एक खेत में लगे कंटीले तारों में बाघ के बाल फंसे मिले।
लखनऊ-हरदोई हाईवे किनारे बसे हबीबपुर, टिकैतगंज, बुधड़िया, कुशमौरा, दुर्गागंज, पहिया आजमपुर गांवों में भी दहशत है। लोगों ने बताया कि बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। रेलवे लाइन के कर्मचारी ने बताया कि पहले अकेले जांच करते थे। अब साथी के साथ भोर में मशाल लेकर निकलते हैं।
पहले भी छका चुका है बाघ
स्थानीय लोगों के मुताबिक 12 साल पहले भी एक बाघ ने वन विभाग की टीम को खूब छकाया था। वैसे ही हालात अब देखने को मिल रहे हैं। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
थर्मल ड्रोन कैमरे में दिखे पगचिह्न
वन विभाग की टीम ड्रोन कर्मियों के साथ गुरदीनखेड़ा में मिले पगचिह्नों की जांच करने गई थी। दस किमी तक कॉम्बिंग की गई। थर्मल ड्रोन कैमरे में बाघ के पगचिह्न दिखे हैं। गुरदीनखेड़ा में मंगलवार को ट्रैप कैमरा लगाया जाएगा। -शीतांशु पांडे, डीएफओ