बहराइच के कतर्नियाघाट रेंज में स्थित बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के निकट रेलवे क्रासिंग पर बुधवार दोपहर फिर एक बाघ आ धमका। वह लगभग आधे घंटे जमा रहा और तीन बार दहाड़ा। रेल कर्मियों ने किसी तरह क्वार्टर में घुसकर जान बचाई। बाघ के जाने के बाद वन क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर रेल कर्मियों व राहगीरों को रात में क्वार्टर से बाहर न निकलने की हिदायत दी।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत बिछिया रेलवे स्टेशन कतर्नियाघाट रेंज में स्थित है। रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के निकट स्थित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 97 पर मंगलवार को दोपहर में दो बाघ आ धमके थे। बुधवार दोपहर फिर एक बाघ क्रॉसिंग के पास पहुंच गया। बाघ की दहाड़ से रेलवे ट्रैक पर झंडी लगा रहे गेटमैन गौतम और निरंजन ने क्वार्टर में घुसकर जान बचायी।
गौतम ने हिम्मत करके रेलवे क्वार्टर की खिड़की से रेल ट्रैक के उस पार बैठे बाघ की तस्वीरें मोबाइल के कैमरे में कैद की। साथ ही स्टेशन अधीक्षक एनएन श्रीवास्तव को मामले से अवगत कराया। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक बाघ जंगल की ओर चला गया।