लगातार आगे बढ़ रहा भटका हुआ बाघ रहमानखेड़ा तक आ पहुंचा है।
हरदोई-माल के बार्डर पर मौजूदगी जताने के बाद बाघ ने अब मलिहाबाद-काकोरी के गांवों का रुख किया है।
दिवाली बाद बाघ की मूवमेंट मलिहाबाद के तमाम इलाकों में ट्रेस की गई।
उसकी आखिरी लोकेशन (शुक्रवार तड़के हुई मूवमेंट) रहमानखेड़ा के जंगलों के नजदीक जाती हुई मिली।
यह जगह शहर से 10 किमी से भी कम है। बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हथिनियों को बुलवाया गया है।
निशान मलिहाबाद के फतेहगंज, माल नई बस्ती में मिले।
रहमानखेड़ा के आसपास के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में करीब 5 किमी तक बाघ के पगमार्क मिले।
किसानों और ग्रामीणों ने आलू, लौकी के खेतों में नये पगमार्क देखे तो वन विभाग को इसकी सूचना दी।