लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय में संरक्षित तीन हजार वर्ष पुरानी मूर्तियां, पांडुलीपियां और प्राचीन सिक्के अब निःशुल्क देख सकेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस से पहले यह फैसला लिया है। इसके तहत 30 जून तक राज्य संग्रहालय में निशुल्क भ्रमण का मौका है। 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। इस मौके पर राजधानी सहित प्रदेश के सभी राजकीय संग्रहालयों में हमारा संग्रहालय, हमारी धरोहर के तहत कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि निदेशालय की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश सभ्यता से संस्कृति विषय पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
राज्य संग्रहालय के निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि संग्रहालय में करीब 1.5 लाख से अधिक ऐतिहासिक, और सांस्कृतिक वस्तुएं संरक्षित हैं। यहां तीन हजार वर्ष पुरानी मिस्र की ममी और लकड़ी का ताबूत, भगवान बुद्ध की मूर्तिया, 5वीं सदी के शिव, नृत्य करते नटराज, और 6वीं सदी की सूर्य प्रतिमा के साथ ही पंचाल, अयोध्या, इंडो-ग्रीक और गुप्त काल के सिक्के शामिल हैं। मुगल और पहाड़ी शैली के लघु चित्र, जैन कल्प सूत्र पांडुलिपियां, 16वीं से 19वीं सदी की तलवारें, कवच हाथी दांत की नक्काशी और बिदरी शिल्प के बर्तन को संरक्षित किया गया है।