इन तीनों के साथ ही ठेकेदार के खिलाफ भी कर्वी थाने में गबन और झूठी रिपोर्ट भेजने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वसूली की कार्रवाई प्रारंभ न करने पर तत्कालीन उप निदेशक, निर्माण सुरेश चंद्र व अशोक कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। मंडी परिषद के अधिकारियों के खिलाफ एक साथ एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई पहली बार की गई है। परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इस मामले में उनके कड़े रुख से खलबली मची है।
सपा शासन में हुआ था निर्माण का फैसला
सपा शासन में कर्वी (चित्रकूट) में विशिष्ट मंडी स्थल बनाने का फैसला हुआ था। इस परियोजना की कुल लागत 57.89 करोड़ रुपये मंजूर थी। एस्टीमेट में दुकानों, नीलामी चबूतरों, गोदाम, कैंटीन, जलाशय, कृषक विश्राम गृह और आंतरिक मार्ग का निर्माण शामिल था। परियोजना को मई 2015 तक पूरा करना था, लेकिन वर्ष 2017 में भी काम पूरा नहीं हो सका। यह काम गाजियाबाद की फर्म मेसर्स ग्लेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड करा रही थी।