पीड़ित व्यापारी से मिलने पहुंचे आदर्श व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी।
लखनऊ। इंदिरानगर अमराई गांव में शुक्रवार रात किराना कारोबारी उमेश के घर लूटपाट के मामले में पुलिस को अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने शक के आधार पर तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सीसीटीवी कैमरों में भी कुछ संदिग्ध नजर आए हैं, जिनकी पहचान करने में पुलिस जुटी है।
डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने लुटेरों की धर-पकड़ के लिए चार टीमें बनाई हैं। एक टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें बाइक सवार और पैदल संदिग्ध दिखे हैं। पीड़ित उमेश और उनके परिवार को पेशेवर लुटेरों की तस्वीरें दिखाई गईं, पर वे किसी को पहचान नहीं पाए। डीसीपी ने बताया कि पीड़ित ने अभी तक लूटे गए माल की जानकारी नहीं दी है। पुलिस की एक टीम लुटेरों की तलाश में बाराबंकी और सीतापुर भी भेजी गई है। क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल के पास के मोबाइल टॉवर से संदिग्ध नंबरों की सूची निकाली है। सर्विलांस सेल की टीम इन नंबरों की जांच कर रही है।
पीड़ित से मिले व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी
आदर्श व्यापारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी और इंदिरा नगर अध्यक्ष आकाश ने रविवार को कारोबारी उमेश चंद्र गुप्ता से अस्पताल में मुलाकात की और उनका हाल जाना। एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से 24 से 48 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। इस मौके पर सचिव सुनील रावत, उप सचिव आशुतोष अवधवाल, विशिष्ट सदस्य इंद्रेश वार्ष्णेय और हृदयराम सोनी भी मौजूद थे।
यह है पूरी घटना
इंदिरानगर के अमराई गांव में शुक्रवार देर रात नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने उमेश के घर धावा बोला था। बदमाशों ने उमेश, उनकी पत्नी शांति और बेटी सीमा पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वे घर से कुछ सामान भी लूट ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने चोरी के दौरान मारपीट की धारा में एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों को समय पर सूचना न देने के कारण नाइट ऑफिसर नागेंद्र कुमार और मुंशी दिव्या को निलंबित किया गया।