रायबरेली। कोहरे की वजह से दिसंबर में तीन महीने के लिए निरस्त हुई तीन जोड़ी ट्रेनों का संचालन शुक्रवार से फिर शुरू हो गया। तीनों शटल सेवाएं हैं, जो जिले के अंदर संचालित होती हैं। ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज समेत रूट के हर छोटे-बड़े स्टेशन पर रुकती हैं। ट्रेनों के चलने से कम दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिली है।
एक जोड़ी ट्रेन (शटल सेवा) ऊंचाहार और रायबरेली के बीच चलती है। सुबह रायबरेली से ऊंचाहार जाती है और कुछ देर बाद वहां से लौटती है। दो जोड़ी ट्रेनें (शटल सेवाएं) रायबरेली और रघुराज सिंह स्टेशनों के बीच दौड़ती हैं। एक जोड़ी ट्रेन सुबह रायबरेली से डलमऊ, लालगंज होते हुए रघुराज सिंह स्टेशन जाती है और कुछ देर बाद वहां से शहर लौटती है।
दूसरी जोड़ी ट्रेन शाम को रायबरेली से रघुराज सिंह स्टेशन जाती है। कुछ देर बाद रघुराज सिंह स्टेशन से रायबरेली के लिए लौटती है, जो रात में यहां पहुंचती है। इन तीनों शटल सेवाओं का संचालन दिसंबर में तीन महीने के लिए निरस्त कर दिया गया था।
रायबरेली-ऊंचाहार शटल सेवा रास्ते के सभी छोटे स्टेशनों पर रुकती है। रायबरेली-रघुराज सिंह शटल सेवाओं का भी रास्ते में डलमऊ, लालगंज समेत सभी छोटे स्टेशनों पर ठहराव होता है। इससे आसपास के स्टेशनों का सफर करने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिल जाती है। ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही थी। ट्रेनें पुन: चलने से काफी राहत मिली है।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि तीनों शटल सेवाओं के निरस्तीकरण की अवधि खत्म होने से संचालन शुरू हो गया है।
लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलेंगी
नई दिल्ली और मालदा टाउन के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन तथा प्रयागराज और ऋषिकेश के बीच सप्ताह में तीन दिन फर्राटा भरने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के निरस्तीकरण की अवधि भी खत्म हो गई है। अब निर्धारित दिवसों में ट्रेनें चलेंगी।
नई दिल्ली और बनारस के बीच दौड़ने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, देहरादून और बनारस के बीच चलने वाली जनता मेल, सिंगरौली और टनकपुर के बीच चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन एक दिन छोड़कर हो रहा था। अब पहले की तरह रोज दौड़ने लगेंगी। एक-दो दिन में सभी ट्रेनें पूरी तरह पटरी पर लौट आएंगी।
ट्रेन चलने से यात्री खुश, बोले- दिक्कत दूर होगी
ऊंचाहार (रायबरेली)। रायबरेली-ऊंचाहार के बीच दौड़ने वाली शटल सेवा के चलने से यात्रियों में खुशी है। सबसे ज्यादा विद्यार्थी खुश हैं। ऊंचाहार, लक्ष्मणपुर समेत अन्य स्टेशनों से रोजाना 300 से अधिक विद्यार्थी रायबरेली शहर पढ़ने के लिए जाते हैं। रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी आम यात्रियों को आवागमन में दिक्कत होती थी। अब यह दिक्कत खत्म हो गई है।
मदारीगंज के रहने वाले सुमित कुमार ने कहा कि अक्सर शहर जाना होता था, जिसके लिए डग्गामार वाहनों या रोडवेज बस का सहारा लेते थे। पूरे निधान मजरे खरौली निवासी लक्ष्मीचंद्र अग्रहरि ने कहा कि ट्रेनों से कम किराये में यात्रा कर लेते हैं। बस या दूसरे वाहनोंं से सफर में ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही थी।
ऊंचाहार कस्बा निवासी मीसम हैदर और मनीष कुमार ने भी शटल सेवा के चलने पर खुशी जताई है। यात्रियों का कहना है कि शाम को रायबरेली-ऊंचाहार के बीच चलने वाली शटल सेवा भी शुरू होनी चाहिए, जो कई साल से बंद चल रही है।