इंदिरानगर पुलिस ने ऐसे लुटेरों का गिरोह पकड़ने का दावा किया है जो राष्ट्रीय स्तर की कई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं। एसओ इंदिरानगर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि आरोपियों में गुडंबा के मिश्रपुर निवासी याकूब गाजी, हरदोई के बघौली स्थित महरी निवासी धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मू और बाराबंकी के मझवापुर निवासी सौरभ यादव शामिल हैं।
एसओ ने बताया कि पूछताछ में तीनों ने कुबूला कि उन्होंने गुडंबा स्पोर्ट्स कॉलेज से प्रशिक्षण लिया। राष्ट्रीय स्तर के कई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस दौरान महंगे कपड़ों और मौज मस्ती के शौक ने लुटेरा बना दिया। उनके पास से 23 हजार नकद बरामद किया। जबकि गिरोह के सरगना की तलाश की जा रही है।
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एसओ ने बताया कि पुलिस टीम बृहस्पतिवार रात गुडंबा व रसूलपुर तिराहे पर गश्त कर रही थी। संदेह के आधार पर बाइक पर सवार तीन युवकों को रोका गया। तलाशी में 23200 रुपये नकद बरामद हुए।
एसओ के मुताबिक, याकूब के पास से नौ हजार, धर्मेंद्र के पास 10 हजार और सौरभ के पास से 42 सौ रुपये बरामद हुए। यह रकम इंदिरानगर थानाक्षेत्र से कुछ दिन पहले हुई लूट की वारदात की है।
लुटेरों के पास से बाइक भी बरामद हुई है। आरोपियों को दबोचने में एसआई तेज प्रताप सिंह, विजय कुमार, कांस्टेबल शमीम अख्तर, राजेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चार लोगों को मारपीट के बाद की थी लूट
एसओ ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में कुबूला कि गिरोह के सरगना गोंडा निवासी समीर खां व उसके दोस्त प्रवीण द्विवेदी ने 15 दिन पहले अबरारनगर खुर्रमनगर में अनुभव सक्सेना के मकान में चोरी करने की साजिश रची थी। 14 दिसंबर को अनुभव मकान के बाहर तीन लोगों संग बैठे थे। इस दौरान तीनों बदमाश कार से पहुंचे और वहां बैठे लोगों पर हमला कर जेवर, नकदी व पर्स लूटकर भाग निकले थे।
चार एथलीट ने बनाया लुटेरों का गिरोह
एसओ के मुताबिक, मध्यवर्गी परिवार से होने के कारण बदमाशों का महंगे कपड़े पहनने, घूमने व रेस्टोरेंट में खाने का शौक पूरा नहीं हो पा रहा था। इसे पूरा करने केलिए लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज से जुड़े चार एथलीट ने लुटेरों का गिरोह बनाया।
गुडंबा का याकूब गाजी मकानों की रेकी करता था। एसओ ने बताया कि समीर व प्रवीण गोंडा में सोना कारोबारी से बड़ी लूट की वारदात अंजाम दे चुके हैं।