शमीम की बहन माहिरा ने बताया कि उसका भाई मजदूरी करता है। गुरुवार को भी काम पर निकला था। आरोप लगाया कि लौटते वक्त पुलिस फायरिंग में उसे गोली लगी है। संयोग से उसकी जान बच गई। तीसरे घायल जिलानी (17) हैं। इनके भी पीठ से घुसी गोली पेट को चीरते हुए निकल गई है।
जिलानी चौपटिया का रहने वाला है और गुरुवार को अपने घर खदरा लौट रहा था। इस बीच बवाल में फंस गया। उसके पिता मोहम्मद नईम का आरोप है कि उपद्रव के बीच फंसने से वह भागने लगा। इस दौरान हुई फायरिंग में उसके बेटे को गोली लगी है।
एक मरीज की हालत गंभीर है। दो की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। गोली लगने वाले दोनों मरीजों की सर्र्जरी कर दी गई है। सर्जरी के दौरान गोली नहीं मिली है। - प्रो. संदीप तिवारी, विभागाध्यक्ष ट्रामा सर्जरी।