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तीन महिला अफसरों ने ध्वस्त कराया अवैध निर्माण

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तीन महिला अफसरों ने ढहवाया भू-माफिया का अवैध निर्माण
क्रासर- 20 जून को विरोध करने वाले सपा पार्षद और किसान यूनियन के लोग रहे नदारद
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अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। नौवें दिन जब नगर निगम का दस्ता तीन महिला अफसरों की अगुवाई में दोबारा भू-माफिया का कब्जा ढहाने शनिवार को बहादुरपुर गांव पहुंचा तो विरोध करने वालों में कोई नहीं था। दिख रही थी तो केवल भारी तादाद में पुलिस, पीएसी और तमाशबीन। तीन घंटे चले बुलडोजरों ने चिन्हित भू-माफिया सुनील यादव का 2000 वर्ग फीट जमीन पर बना मकान ढहा दिया। इस बीच जेसीबी के आगे लेटकर और आत्मदाह की धमकी देकर 20 जून को अभियान को फेल करने वाले क्षेत्रीय सपा पार्षद पंकज यादव भी नजर नहीं आए। किसान यूनियन वाले भी नदारद रहे। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि पार्षद हरिद्वार गए हुए हैं।
गत 20 जून को अभियान केदौरान जो गुडम्बा पुलिस विरोध और बवाल के दौरान मूकदर्शक बनी रही थी, वह शनिवार को नगर निगम दस्ते के पहुंचने से पहले ही मौके पर मुस्तैद थी। सीओ दीपक कुमार सिंह भी मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी, तहसीलदार सविता शुक्ला और जिला प्रशासन की ओर से अपर नगर मजिस्ट्रेट पूजा मिश्रा मौके पर पहुंचीं। उसके बाद भू-माफिया सुनील यादव का कब्जा ढहाने को दो जेसीबी लगा दिए गए। एक घंटे बाद एक जेसीबी खराब हो गई तो फिर दूसरी मंगाई गई। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई में पूरा मकान ढहा दिया गया।
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पहले ही उखाड़ ले गए गेट
भू-माफिया को अंदाजा था कि अब उसका निर्माण नहीं बचेगा। इसी वजह से वह पहले ही गेट को उखाड़कर ले गया था। नया निर्माण हुआ था तो मकान में कोई सामान भी नहीं था।
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पहली बार हुई इस तरह की कार्रवाई
नगर निगम केइतिहास में पहली बार किसी भू-माफिया के खिलाफ इस तरह कब्जा ढहाने की बड़ी कार्रवाई की गई। वह भी उस कब्जे को जिसको लेकर मौजूदा पार्षद ही विरोध कर रहा हो। शनिवार को इस पूरे अभियान के दौरान नगर निगम या जिला प्रशासन का कोई पुरुष अफसर मौके पर नहीं गया जबकि यह संवेदनशील अभियान था।
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...पर मंदिर को नहीं तोड़ा
अभियान के दौरान भू-माफिया का मकान तो ढहा दिया गया मगर उससे सटाकर बनाए गए मंदिर को छोड़ दिया गया। हालांकि 2011 के बाद सार्वजनिक स्थान और सरकारी जमीन पर बनाए गए धार्मिंक स्थलों को लेकर कार्रवाई का आदेश है। हाईकोर्ट में भी इसे लेकर मामला चल रहा है। शासन कई बार आदेश जारी कर चुका है कि 2011 के बाद जो भी धार्मिक स्थल अवैध रूप से बने हैं, उनको हटाया जाएगा। इसकी सूची भी शासन को सौंपी जा चुकी है।
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वर्जन-
ढहा दिया गया अवैध कब्जा
अभियान के दौरान कोई विरोध करने नहीं आया। अवैध कब्जे को पूरी तरह से ढहा दिया गया। जमीन को सुरक्षित करने के लिए चारों ओर तार से घेरा जाएगा। मकान के पास का निर्माण धार्मिक स्थल के चलते नहीं तोड़ा गया।
अर्चना द्विवेदी, अपर नगर आयुक्त
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