लखनऊ। घर में घुसकर लूटपाट करने और गृह स्वामिनी की हत्या करने के आरोपी संतोष लोध, जितेंद्र सिंह और इरशाद को दोषी ठहराकर एडीजे उमाकांत जिंदल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी को एक लाख 70 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।
वादी वसीम खान ने 5 जुलाई 2023 को गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना वाले दिन वादी को अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने ड्राइवर की आवश्यकता पूछकर वादी को पॉलिटेक्निक चौराहे पर बुलाया। जब वह घर लौटा तो उसकी पत्नी किचन में बेसुध मिली। घर का सामान अस्तव्यस्त था और जेवर-नकदी गायब थे। पत्नी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वादी ने अपनी रिपोर्ट में घर में ड्राइवर का काम कर चुके जितेंद्र पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद किया था।