घायलों की जांच करते डॉक्टर।
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संदीप की बहन रोली के तिलक समारोह के लिए घर पर खुशी का माहौल होने के साथ सभी तैयारी में लगे हुए थे। शाम को जब संदीप घर से बहन के तिलक का सामान लेकर निकले तो किसी ने सोचा नहीं था कि वह वापस घर नहीं लौट पाएंगे। बेटे की मौत की माता पिता बेसुध हो गए हैं तो वहीं रोली के लिए भाई की मौत किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। वह खुद को कोस रही थी कि तिलक समारोह के कारण भाई को घर से जाना पड़ा।
उधर मृत धनंजय और अशोक के परिजन भी सीएचसी जगतपुर में रोते बिलखते दिखे। एक साथ तीन परिवारों की खुशियां खत्म हो गईं। सीएचसी में भारी भीड़ दिखी। जिसे पुलिस को नियंत्रित करना पड़ा। संदीप, अशोक और धनंजय के परिजन नियति के खेल के आगे पस्त दिखाई पड़े। वहीं तीनों गांवों में लोगों का जमघट लगा रहा। हर किसी की जुबान पर इस हादसे के साथ जगतपुर के गंगा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे की बात होती रही। गांवों के लोगों का कहना था कि जाने जगतपुर को किसकी नजर लग गई है कि हर दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है।
रायबरेली में सड़क हादसा।
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जिस कार से हादसा हुआ है, वह अलीगढ़ के शिव कुमार के नाम पर रजिस्टर है। कार की दस साल एक माह पुरानी है और यूरो फोर का इंजन लगा है। कार की फिटनेस सात जनवरी 2031 तक है और टैक्स की वैधता 19 नवंबर 2030 तक है। प्रदूषण के कागज की वैधता 28 जून 2024 तक है और इंश्योरेंस 12 दिसंबर 2026 तक है। शिव कुमार कौन है और उनकी कार संदीप के पास कैसे आई, इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। परिवार के लोग अभी कुछ भी बताने की हालत में नहीं है। सीएचसी से लेकर गांव तक मातम पसरा हुआ है।
विघायक ने सीएचसी जाकर घटना का लिया हाल
घटना की जानकारी मिलते ही ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय मौके पर गए और उन्होंने घटना के बाबत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार के लोगों को ढाढस बंधाया।