भातखंडे संस्कृति विवि की बैठक में शामिल कुलपति मांडवी सिंह व अन्य। स्रोत ः स्वयं
लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित विद्या परिषद की बैठक में शैक्षणिक नीतियों और आगामी योजनाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने की। बैठक में पंडित विष्णु नारायण भातखंडे, पं. बिरजू महाराज एवं बेगम अख्तर की स्मृति में विश्वविद्यालय में तीन विशिष्ट संकाय (पीठ) स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह निर्णय भारतीय संगीत और नृत्य परंपरा के इन महान हस्तियों की स्मृति को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरोद, सारंगी एवं पखावज जैसे विलुप्त हो रहे पारंपरिक वाद्ययंत्रों में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना लागू की जाएगी। इससे इन वाद्ययंत्रों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
शोध, संग्रहालय और चित्र-वीथिका पर सुझाव
पद्मभूषण साजन मिश्र ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों-विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। प्रो. उमेश कुमार सक्सेना ने एक सूचना आधारित संग्रहालय की स्थापना का विचार रखा, जबकि सदस्य अरुण भट्ट ने कलाकारों की स्मृति में एक चित्र-वीथिका बनाए जाने की बात कही। प्रो. केके थपलियाल ने शोध विषयों को गंभीर विमर्श के बाद तय करने पर जोर दिया। बैठक में कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन सहित अन्य शिक्षक एवं सदस्य मौजूद रहे।
अन्य प्रमुख निर्णय
- आठ शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान करने की संस्तुति।
- संगीत एवं संबंधित विषयों के लिए संग्रहालय की स्थापना पर सहमति।
- परिसर में महान कलाकारों की याद में चित्र-गैलरी की स्थापना का प्रस्ताव।