उन्होंने बताया कि उनका बेटा सुबह नौ बजे ड्यूटी पर चला जाता था और देर रात घर लौटता था। किशोरी उनका मोबाइल लेकर कई घंटे तक सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थी। मोबाइल पर तीन, चार और पांच मार्च को दो नंबरों से लगातार कॉल आई थी। मेसेज भी आया, जिसमें लिखा था कि हमसे बात क्यों नहीं कर रही हो। उनके फोन पर मिस्ड कॉल व इंस्टाग्राम पर मेसेज देखकर बेटे ने उसे फटकार लगाई थी।
घटना के दो दिन पहले उन्होंने किशोरी के परिजनों को बुलाकर शिकायत की थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के स्क्रीनशॉट उनके मोबाइल पर भेजे थे। आरोप है कि इसके बाद किशोरी परिजनों के साथ घर चली गई थी, जहां उसकी पिटाई की गई थी। घटना के एक दिन पहले किशोरी दोबारा उनके घर लौट आई थी। सोमवार को पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की और घर में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
जान बचाने के लिए फंदे से उतारा
मकान मालिक की पत्नी ने बताया कि रविवार को किशोरी को उन्होंने कपड़े सुखाने के लिए छत पर भेजा था। वह काफी देर तक नीचे नहीं आई तो उन्होंने कई बार आवाज देकर पुकारा। इसी बीच बेटा बाल कटवाकर घर लौटा था और नहाने जा रहा था। उन्होंने बेटे को किशोरी को देखने के लिए ऊपर भेजा तो वह फंदे पर लटकी मिली। किशोरी की जान बचाने के लिए उसे फंदे से नीचे उतारा गया और परिजनों व पुलिस को सूचना दी गई।
खाना-पानी को तरस रहे बुजुर्ग दंपती
किशोरी की हत्या के आरोप में पुलिस बुजुर्ग दंपती के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, बीमार और चलने फिरने में लाचार दंपती खाना और पानी के लिए तरस रहे हैं। एक वर्ष पहले बुजुर्ग को ब्रेन हेमरेज हो गया था। तब से वह बिस्तर पर हैं और बातचीत करने में भी असमर्थ हैं। मौका मिलने पर बेटा ही उनकी देखभाल करता था। वहीं मकान मालकिन के कंधे और दोनों घुटनों का ऑपरेशन हुआ है। ऐसी हालत में वह भी चलने-फिरने की स्थिति में नहीं हैं।