लखनऊ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से तीन दिवसीय श्रीहरि कथा महोत्सव का समापन वृंदावन योजना स्थित सेक्टर-बी में हुआ। साध्वी अंबिका भारती ने कहा, आज प्रेम विकृति का रूप ले चुका है, वहीं सच्चे भक्तों ने भगवान से निर्मल और निष्कलंक प्रेम किया है। इसी प्रेम की पराकाष्ठा को पाने के लिए भक्त सूरदास ने संत वल्लभाचार्य की शरण ली और गिरिधर गोपाल की लीलाओं का मधुर गायन कर जनमानस को ईश्वर से जोड़ने का कार्य किया। आयोजन संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज की प्रेरणा से संपन्न हुआ।