रायबरेली। अदालत ने अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में करीब 15 साल पहले हुए जानलेवा हमले के एक मामले में दोष सिद्ध होने पर तीन दोषियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार यादव ने सुनाया।
मामले की रिपोर्ट मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे बढ़ई मजरे हसवा निवासी जगप्रसाद ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 18 जून 2009 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के ही अरविंद त्यागी, कमला देवी व शकुंतला ने झांखर रखने के विवाद को लेकर मारपीट की। पुलिस ने विवेचना के बाद अरविंद त्यागी, कमला देवी व शकुंतला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तीनों दोषियों को सजा सुनाई।
क्रास केस में दो को सजा
मामले में क्रास केस के रूप में कमला देवी ने भी मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद जगप्रसाद, प्रेम दुलारी व दशरथ के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान दशरथ की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शेष दोनों आरोपियों जगप्रसाद व प्रेमदुलारी को तीन-तीन साल की कैद के साथ छह-छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।