प्रदेश में लगभग तीन करोड़ लोग एलर्जी की चपेट में हैं। फास्ट फूड इसकी प्रमुख वजह बन रहे हैं। यह जानकारी केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने दी। वह बृहस्पतिवार को इंडियन कॉलेज ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड अप्लाइड इम्यूनोलॉजी की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन केजीएमयू व एरा मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि फास्ट फूड में बासी वस्तुओं का इस्तेमाल होता है। वहीं खाने-पीने की अन्य वस्तुओं को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए केमिकल का प्रयोग किया जाता है।
ऐसी खाद्य सामग्री से शरीर में फ्री रेडिकल्स बनते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसकी वजह से शरीर में सूजन आ आती है और चकत्ते पड़ जाते हैं।