लखनऊ। मोहनलालगंज में इंटर के छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। इसके अलावा कृष्णानगर में महिला और गोमतीनगर में युवक ने खुदकुशी कर ली। तीनाें ही मामलों में आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका है।
मोहनलालगंज के नग्गर गांव पुरसैनी निवासी अतुल (19) निजी स्कूल में इंटर के छात्र थे और परचून की दुकान चलाते थे। घरवालों ने बताया कि रविवार रात खाना खाने के बाद घरवाले सो गए। सुबह जब उठे तो घर के बाहर लगे आम के पेड़ में दुपट्टे के सहारे अतुल का शव लटका देखा। परिवार में तीन भाई- बहन और मां किरन हैं। पिता सुरेंद्र की तबीयत खराब रहती है।
उन्नाव के हसनगंज अलियालपुर निवासी मजदूर प्रेम शंकर कुछ समय से कृष्णानगर के कनौसी में किराये पर रह रहे हैं। उनके भाई वीरेंद्र ने बताया कि रविवार को प्रेम शंकर धान की रोपाई के लिए गांव गए थे। घर में उनकी पत्नी कंचन (27) व बच्चे दीपांशी और हर्ष थे। शाम को अचानक बच्चों के रोने की आवाज पड़ोस में रह रही कंचन की बहन रूचाना को सुनाई दी। वह कमरे में पहुंची तो कंचन का शव पंखे में साड़ी के सहारे लटका देखा। कंचन की शादी नौ साल पहले हुई थी।
गोमती नगर में विराम खंड-4 निवासी अनुज द्विवेदी (21) ने कमरे में शर्ट के सहारे फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उनके छोटे भाई अमन ने बताया कि अनुज प्राइवेट गाड़ी चलाते थे और दो महीने पहले उनकी नौकरी छूट गई थी। छह माह पहले बीमारी के चलते पिता श्रीराम की मौत हो चुकी है। रविवार रात अनुज खाना खाने के बाद कमरे में चले गए। सोमवार सुबह जगने पर हादसे की जानकारी हुई। अमन ने बताया कि अनुज की किसी युवती से मोबाइल पर बात होती थी, पर कुछ दिन से बात नहीं हो रही थी।