डॉ. स्मिता मिश्रा की तीन पुस्तकों का विमोचन
लखनऊ। आईपी फाउंडेशन की ओर से डॉ. स्मिता मिश्रा की तीन पुस्तकों एहसास, ट्रॉमा बॉन्डिंग और फिर मिलूंगी का विमोचन यूपी प्रेस क्लब में किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी महेश चंद्र द्विवेदी और मुख्य अतिथि प्रो. शोभा बाजपेई ने कहा कि इस पुस्तक में एक स्त्री की संवेदनशीलता महसूस होती है।
विनीता मिश्रा ने पुस्तक फिर मिलूंगी के संबंध में विस्तार से चर्चा की। करुणा पांडेय ने ट्रॉमा बॉन्डिंग और रश्मिशील ने एहसास के बारे में बताया।
पुस्तकों की लेखिका डॉ. स्मिता मिश्रा ने पुस्तकों के संदर्भ में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा बॉन्डिंग एक उपन्यास है जिसमें उन रिश्तों के बारे में गहराई से पड़ताल की गई है जिन्हें हम चाहते हुए भी छोड़ नहीं पाते, फिर भले ही वे रिश्ते हमें कितना ही दर्द क्यों न दें।
यह दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति और इसे सहने वाले के बीच के रिश्तों की पड़ताल करती है। यह स्त्री विमर्श को रेखांकित करती है। इसके अलावा एहसास और फिर मिलूंगी दोनों ही काव्य संग्रह हैं जिनमें छंद मुक्त कविताओं का संकलन है। इनमें प्रेम, करुणा, स्त्री मन की बात के साथ ही सामाजिक व्यवस्थाओं को शब्दों में पिरोया गया है। कार्यक्रम का संचालन अलका प्रमोद ने किया। निवेदिता श्री और ऊषा दीक्षित समेत कई साहित्यकार व लेखक मौजूद रहे।