लखनऊ। इटौंजा के ढिलवासी गांव निवासी ई रिक्शा चालक बबलू (25) की आत्महत्या के मामले में गांव के रहने वाले तीन सगे भाइयों के खिलाफ बबलू को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। 30 जनवरी की रात बबलू का शव गांव में पेड़ से लटका मिला था।
बबलू के पिता रामसरन के अनुसार, बबलू का गांव के तीन युवकों से सवारियों को बैठाने के लिए झगड़ा हुआ था। 30 जनवरी की शाम लगभग सात बजे बबलू ई रिक्शा लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में उन्हीं तीनों युवकों ने उसे रोक लिया और पिटाई की। वह और उसकी बेटी बीच-बचाव के लिए पहुंची तो दोनों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। शोर सुनकर ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। कुछ देर के बाद आरोपी उनके घर आ धमके और फिर से झगड़ा किया। आरोपियों ने बबलू का मोबाइल फोन छीन लिया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी और बबलू वहां से भाग गए। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी ने बबलू का मोबाइल वापस कर दिया। उधर, रात होने पर बबलू घर नहीं लौटे। सुबह गांव के बाहर शंकर के आम के बाग में लगे पेड़ से बबलू का शव फंदे से लटका मिला।
इंस्पेक्टर इंटौजा मार्कंडेय यादव ने बताया कि रामसरन ने गांव के रहने वाले कुलदीप, उसके भाई संदीप, राहुल व अन्य अज्ञात के खिलाफ बबलू को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।