लखनऊ। कैसरबाग में 10 सितंबर को पीजीआई के तेलीबाग निवासी नगर निगम ठेकेदार मो. अनस पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, ठेकेदार के परिचित ने हमले की साजिश रची थी और वारदात के लिए आरोपियों को रकम देने की बात तय की थी।
कैसरबाग इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमेठी के जगदीशपुर निवासी मो. अरशद, मो. रहमान और शुकुलबाजार निवासी जिशान के रूप में हुई है। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड और पाना बरामद किया गया है। मो. अनस ने हमले के बाद कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों की तलाश की जा रही थी। शनिवार को सूचना मिलने पर तीनों आरोपियों को बालाकदर रोड से गिरफ्तार कर लिया गया।
हमले के लिए 11 किलोमीटर तक किया था पीछा
इंस्पेक्टर के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे घटना से कुछ दिन पहले काम की तलाश में लखनऊ आए थे। यहां उनकी मुलाकात ठेकेदार के परिचित अमेठी के शुकुलबाजार निवासी रौनित से हुई। आरोपियों के मुताबिक, रौनित ने अनस पर हमला करने की साजिश रची और इसके लिए उन्हें रकम देने की बात कही।
साजिश के तहत 10 सितंबर को तीनों आरोपियों ने रौनित की कार से तेलीबाग से कैसरबाग तक करीब 11 किलोमीटर तक अनस का पीछा किया। कैसरबाग में मौका मिलते ही उन्होंने अनस पर हमला कर दिया और भाग गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि रौनित की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही घटना के कारण का पता चल सकेगा।