लखनऊ। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी सतगुरु लोध, दीपक कोरी और माइकल को गिरोहबंद के आरोपों में दोषी ठहराकर गैंगेस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश राहुल मिश्रा ने 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। उन्होंने तीनों को पांच-पांच लाख रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी रहे मोहम्मद नासिर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट ने कहा, अगर ऐसे गंभीर मामलों में उदारता का परिचय दिया जाता है तो भारत जैसे देश में जहां बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर पूजा की जाती है, वहां बालिकाओं के जीवन और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगा। इसके पहले कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि जानकीपुरम के तत्कालीन थानाध्यक्ष सतीश कुमार सिन्हा ने एक नवंबर 2016 को आरोपी सतगुरु, नासिर, दीपक और माइकल के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि आरोपियों का संगठित गिरोह है। इन सभी ने 10 फरवरी 2016 को घर से स्कूल पढ़ने गई 17 वर्ष की किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की। बताया गया कि यह घटना मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुई, जिससे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।
आरोपी इस दहशत के सहारे आर्थिक लाभ लेने के लिए अपराध कर रहे हैं। आरोपियों की क्षेत्र और समाज में इतनी दहशत, भय और आतंक है कि आम जनता का कोई भी आदमी आरोपियों के खिलाफ गवाही देने और रिपोर्ट दर्ज कराने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पूर्व में सजा हो चुकी है।