फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

विज्ञापन
मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ
विज्ञापन
लखनऊ। ईद-उल-अजहा के मौके पर जिलेभर में मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ को हजारों हाथ उठे। ऐशबाग ईदगाह समेत शहर की मस्जिदों और इमामबाड़ों में अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। उलेमा ने कुर्बानी के असल मकसद पर रोशनी डालते हुए लोगों से त्याग, भाईचारे, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का संदेश अपनाने की अपील की।
विज्ञापन

ऐशबाग ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने पढ़ाई। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे, तरक्की और गर्मी से राहत की विशेष दुआ कराई गई। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल की यादगार है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी सिर्फ धार्मिक फर्ज नहीं बल्कि इससे करीब 20 लाख किसानों और पशुपालकों को रोजगार मिलता है। गांवों की अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलती है।
उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें। घरों और मस्जिदों के आसपास पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि इससे प्रदूषण कम होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा पर भी जोर दिया।
विज्ञापन

शहर की तारीखी जामा मस्जिद आसिफी में शिया समुदाय ने ईद-उल-अजहा की नमाज अकीदत के साथ अदा की। नमाज की इमामत मौलाना रजा हैदर जैदी ने की, जबकि इमामे जुमा मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी भी नमाज में शरीक हुए। खुत्बे में मौलाना रजा हैदर जैदी ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल जानवर की कुर्बानी का नाम नहीं, बल्कि इंसान को अपनी अना, तकब्बुर और बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही इस पर्व का असली पैगाम है। आखिर में दुनिया में अमन व इस्तेहकाम और देश में अमन व सुकून के लिए दुआ कराई गई।

करुणा, भाईचारे का पैगाम देती है बकरीद : शाइस्ता अंबर
अंबर मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज सुकून और अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज मौलाना हाफिज-ओ-कारी रेहान देवबंदी ने पढ़ाई। इस मौके पर मुल्क की तरक्की, अमन-शांति और इंसानियत की हिफाजत के लिए दुआ की गई। अंबर मस्जिद की मुतवल्लिया और सामाजिक कार्यकर्ता शाइस्ता अंबर ने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें हजरत इब्राहीम की कुर्बानी की याद दिलाती है और जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटने का संदेश देती है। उन्होंने लोगों से गरीबों की मदद करने, भूखों को खाना खिलाने और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

मुल्क में अमन-चैन की दुआ को उठे हजारों हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें