गमगीन रामबाबू को सांत्वना देते परिजन।
नगराम। कभी कंधे पर बिठाकर पूरे गांव में घुमाया था… त्योहारों पर, मेलों में, स्कूल जाते वक्त… लेकिन किसे पता था कि वही कंधे एक दिन बोझ बन जाएंगे... ऐसा बोझ जिसे उठाते वक्त दिल टूट जाएगा। नगराम के हरदोइया गांव के रामबाबू के लिए ऐसा ही पल आने वाला था, जब जयपुर के दौसा में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उनके बेटों और पत्नी के शव घर पहुंचेंगे। जिन बच्चों को पालने-पोसने में उम्र गुजर गई, अब उन्हीं के शवों को कांधा देना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को पूरे गांव में मातम पसरा हुआ था। लोग रामबाबू को दिलासा दे रहे थे। मगर उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रोत हुए बोले, खाटू श्याम दर्शन के लिए बेटों को लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया था। अब उनके शवों को कंधा देना पड़ेगा।
बुधवार को जयपुर के दौसा में हुए हादसे में रामबाबू की पत्नी ललिता देवी, बेटे राहुल और नितिन की मौत हो गई थी। जबकि राहुल की पत्नी विद्या देवी, उनका बेटे सात्विक और राहुल के साले रणजीत की हालत गंभीर थी। बृहस्पतिवार को रामबाबू के घर पर मातम पसरा हुआ था।
सांसद मोहनलालगंज आरके चौधरी और पूर्व विधायक अम्ब्रीश पुष्कर, सपा नेता उमाशंकर वर्मा व अन्य लोग गम में डूबे परिवार को संभाल रहे थे। घरवालों ने बताया कि तीनों शव बृहस्पतिवार देर रात गांव पहुंचेगे। अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा।