बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटने का फैसला किया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि ऐसे तत्वों और इसे लेकर भीड़ हिंसा के लिए उकसाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में दर्ज मुकदमों में पुलिस एक पखवाड़े में आरोपपत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की प्रभावी पैरवी करेगी।
डीजीपी ने कहा कि रासुका के साथ ही भीड़ हिंसा में 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में जो एफआईआर दर्ज हो रही हैं, उनमें पुलिस 15 दिनों में आरोपपत्र दाखिल करेगी। जोन व रेंज के अधिकारियों के साथ ही जिलों के कप्तानों को भी इसे लेकर जरूरी निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस माह बच्चा चोरी की अफवाह से हिंसा की 46 घटनाएं
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में इस माह बच्चा चोरी की अफवाह फैलाए जाने से हिंसा की कुल 46 घटनाएं हुईं। इनमें से 32 मामलों में एफआईआर दर्ज हुईं जबकि 14 मामलों में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण कर लिया। इन घटनाओं में कुल 29 लोग घायल हुए और संभल में एक की मौत हुई। जो मुकदमे दर्ज हुए, उनमें 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने से हो रही भीड़ हिंसा के मामलों की रोकथाम के लिए पुलिस तत्पर है और ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जाएगा।
अफवाहों पर ध्यान न दें
डीजीपी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि जहां ऐसे मामले सामने आए हैं। वहां सघन ग्रुप पेट्रोलिंग कराई जा रही है। ऐसे मामलों में पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीवीआर) की सक्रियता को बढ़ाया जा रहा है ताकि वे न्यूनतम समय में मौके पर पहुंच सकें। ऐसे संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है जहां बच्चे अधिक रहते हैं और इस तरह की घटना हो सकती है। ऐसी जगहों पर पुलिस खास निगरानी रखेगी। पुलिस सोशल मीडिया समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर आमजन से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है। मोहल्ला पीस कमेटियों व विभिन्न संगठनों को भी इस काम से जोड़ा जा रहा है ताकि अफवाहों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा सके।
किस जोन में कितनी घटनाएं हुईं
लखनऊ 02
गोरखपुर 02
कानपुर 07
मेरठ 19
आगरा 12
बरेली 04