कोरोना वैक्सीन की पहली डोज निजी अस्पताल में लेने वाले भी सरकारी अस्पताल में जाकर दूसरी डोज ले सकते हैं। शासन की ओर से यह व्यवस्था दी गई है। इसके लिए 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। जो लोग रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं वे बूथ पर जाकर पंजीकरण करा सकेंगे।
दरअसल, टीकाकरण शुरू होने के बाद शासन ने निजी अस्पतालों को भी टीकाकरण की अनुमति दी थी। पूरे प्रदेश में निजी अस्पतालों ने टीकाकरण शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल जाने के बजाय शुल्क देकर निजी अस्पतालों में टीकाकरण कराया है। इसी बीच व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया। नई गाइडलाइन में निर्देश दिया गया कि निजी अस्पतालों को डिपो से वैक्सीन नहीं दी जाएगी।
निजी अस्पताल अपने शहर में मौजूद संबंधित कंपनी के डीलर से वैक्सीन ले सकेंगे। लेकिन अब तक डीलर के पास वैक्सीन नहीं पहुंची है। ऐसी स्थिति में निजी अस्पताल में पहला टीका लगवाने वाले लोग परेशान हैं। वे अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। अस्पताल संचालकों का कहना है कि उन्हें पहली डोज देने के बाद दूसरी डोज के लिए हर हाल में टीका उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने से उनके अस्पतालों में टीकाकरण कराने वाले लोग आए दिन पहुंच रहे हैं और विवाद कर रहे हैं।
मई अंत तक सप्लाई मिलने की उम्मीद
को-वैक्सीन व कोविशील्ड के मुख्य डीलर कार्वी ड्रग के संचालक का कहना है कि वैक्सीन कंपनियों से लगातार सप्लाई मांगी जा रही है। लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। निजी अस्पताल वाले रोजाना सप्लाई की डिमांड कर रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह अब तक वैक्सीन का कॉमर्शियल लाइसेंस नहीं मिल पाना भी है। उम्मीद है कि मई के अंत तक सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद ही निजी अस्पतालों को आपूर्ति शुरू की जा सकेगी।
‘निजी अस्पतालों को जल्द से जल्द मिले वैक्सीन’
निजी अस्पतालों में टीकाकरण कराने वाले लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। जितने लोगों ने निजी अस्पतालों में पहली डोज लगवाई है, उतने लोगों के लिए दूसरी डोज भी मिलनी चाहिए। क्योंकि निजी अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों ने शुल्क जमा किया है। पूरे मामले को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर रहा है। हमारी मांग है कि सभी निजी अस्पतालों को दूसरी डोज हर हाल में दी जाए।
- डॉ रमा श्रीवास्तव, आईएमए अध्यक्ष
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिन लोगों ने पहली डोज निजी अस्पताल में लगवाई है, उनके लिए सरकारी अस्पतालों में भी दूसरी डोज आरक्षित की गई है। टीकाकरण की व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान न हो इसलिए निजी अस्पतालों में पहली डोज लेने वाले अपने आसपास के सरकारी टीकाकरण केंद्र पर पहुंचकर दूसरी डोज लगवा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। जो लोग रजिस्ट्रेशन नहीं किए हैं वे भी बूथ पर पहुंच कर पंजीकरण कराके दूसरी डोज लगवा सकते हैं।
- डॉ राकेश दुबे, महानिदेशक स्वास्थ व नोडल अधिकारी टीकाकरण