लखनऊ। चीन निर्मित पाउडर से बने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की दो टीमें इनके साथियों की तलाश कर रही हैं। छानबीन में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों तक फैला है। मुनाफे के लिए इनसे ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन खरीदने वाले सब्जी कारोबारी व डेयरी संचालक रडार पर हैं।
एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक फुटकर खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। इनकी मांग पर ही आरोपी बिहार से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तस्करी कर लाते थे। दुबग्गा, बुद्धेश्वर, डालीगंज, मलिहाबाद और पारा इलाके में खरीदारों के बारे में जानकारी मिली है।
तस्करों के मोबाइल फोन से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। छानबीन में पता चला है कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल से व्यापारियों से संपर्क करते थे। बागपत के बड़ौत निवासी कयूम अली और खदरा के मो. इब्राहिम ने पूछताछ में कुछ साथियों के नाम बताए हैं, जो दिल्ली और गाजियाबाद से तस्करी करते हैं। आरोपियों के हरियाणा में भी कनेक्शन मिले हैं। आरोपी चार वर्ष से तस्करी कर रहे थे।
दोनों को उजरियांव गांव से रविवार को पकड़ा गया था। इनके पास से 55 लीटर फिनायल, 27 लीटर विनेगर, 180 एमएल की 1018 शीशी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन समेत अन्य सामान बरामद हुआ था। एसटीएफ का दावा है कि बाजार में इनकी कीमत एक करोड़ रुपये के करीब है।
पहले भी मिली है सफलता
29 अगस्त 2025- मदेयगंज से ठाकुरगंज के इरफान, रहीमाबाद के दिलदार, लखीमपुर खीरी के शहनवाज और रायबरेली के मो. साहेब को गिरफ्तार कर दो करोड़ रुपये की कीमत के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए गए।
30 जनवरी 2025- मदेयगंज में 70 लाख रुपये की कीमत के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए गए। यूपी एसटीएफ, पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने बड़ौत के जुबैर को गिरफ्तार किया था।
14 अगस्त 2024- 1.38 करोड़ रुपये की कीमत के ऑक्सीटोसिन के साथ शहीद पथ के पास हरदोई के दिनेश पाल और पारा के बुद्धेश्वर निवासी अमनोल पाल को पकड़ा गया था।
16 नवंबर 2024- जीआरपी की टीम ने लखनऊ जंक्शन के पार्सल घर से 1087 लीटर ऑक्सीटोसिन के 38 पैकेट बरामद किए थे। इनकी कीमत 1.93 करोड़ रुपये बताई गई थी।
22 दिसंबर 2024- बिहार से ऑक्सीटोसिन लाकर खपाने वाले तीन तस्करों ठाकुरगंज के मो. इलियास, पारा के श्यामू गुप्ता और हरदोई के सुलखान सिंह कोको जीआरपी ने गिरफ्तार किया था।